बैडमिंटन खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट भारत ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट से नाखुश

डेनमार्क की खिलाड़ी बोली- मौजूदा परिस्थितियां अस्वीकार्य और बेहद गैर-पेशेवर

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। डेनमार्क की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और विश्व नम्बर 20 मिया ब्लिचफेल्ट ने भारत ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को मिल रही सुविधाओं और हालात को लेकर एक बार फिर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों को अस्वीकार्य और बेहद गैर-पेशेवर बताते हुए कहा कि ऐसे हालात में यहाँ विश्व चैम्पियनशिप का आयोजन होना बहुत मुश्किल नजर आता है।

भारत ओपन पहली बार नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन अगस्त में होने वाली विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इससे पहले यह टूर्नामेंट केडी जाधव इंडोर हॉल में होता था। ब्लिचफेल्ट ने टूर्नामेंट के पहले दिन ही अस्वस्थ परिस्थितियों की आलोचना की थी। दूसरे दौर में बाहर होने के बाद भारत से लौटते समय उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा, 'भारत में बीते कुछ दिन बहुत मुश्किल रहे, मेरी उम्मीद से भी ज्यादा। मैंने मानसिक रूप से खुद को सबसे बुरे हालात के लिए तैयार किया था, लेकिन जो परिस्थितियां हमें मिलीं, वे बिल्कुल अस्वीकार्य और बेहद गैर-पेशेवर हैं।'

उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ी यहां प्रदर्शन करने और अपनी तैयारी पर ध्यान देने आते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में केवल खेल पर फोकस करना बेहद कठिन हो जाता है। ब्लिचफेल्ट ने कहा, 'एक वर्ल्ड टूर सुपर 750 इवेंट में हर कोई तनाव और निराशा महसूस कर रहा है। शुरू में आप इसे मज़ाक में लेते हैं, लेकिन आखिरकार यह न तो मज़ेदार है और न ही खिलाड़ियों के लिए उचित।'

टूर्नामेंट के दौरान कई और घटनाएं भी सामने आईं। स्टैंड्स में बंदर दिखना, पक्षियों की बीट से खेल में बाधा और खिलाड़ियों द्वारा अत्यधिक प्रदूषण की शिकायतें। ब्लिचफेल्ट ने लिखा, 'मुझे खुशी है कि अब इस मुद्दे पर ध्यान दिया जा रहा है और मुझे उम्मीद है कि अगर हमें भविष्य में भारत में खेलना है तो खिलाड़ियों के लिए बेहतर परिस्थितियाँ सुनिश्चित की जाएंगी। मौजूदा हालात में मुझे सच में समझ नहीं आता कि यहाँ विश्व चैंपियनशिप कैसे आयोजित की जा सकती है।'

उन्होंने बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) से खिलाड़ियों की सुरक्षा और बेहतर इंतजाम सुनिश्चित करने की अपील भी की। इस पूरे विवाद के बाद बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) और बीडब्ल्यूएफ की ओर से कई बयान जारी किए गए। गुरुवार को बीडब्ल्यूएफ ने एक विस्तृत बयान में खिलाड़ियों की चिंताओं को स्वीकार किया। बीडब्ल्यूएफ ने कहा, 'मौसमी परिस्थितियों, जैसे धुंध, ठंड और इसके कारण वायु गुणवत्ता व तापमान में बदलाव, ने इस सप्ताह चुनौतियां पैदा की हैं। हालांकि, हमारे आकलन के अनुसार इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, केडी जाधव स्टेडियम की तुलना में बेहतर बुनियादी ढांचा प्रदान करता है।'

विश्व चैम्पियनशिप से पहले होगा सुधार

बीडब्ल्यूएफ ने यह भी माना कि साफ-सफाई, स्वच्छता और जानवरों के नियंत्रण जैसे कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत थी, लेकिन BAI ने इन समस्याओं को दूर करने के लिए तुरंत कदम उठाए। संस्था ने दोहराया कि केडी जाधव स्टेडियम से हटकर नए स्थल पर आने का फैसला अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए किया गया था। बीडब्ल्यूएफ ने भरोसा दिलाया कि इस सप्ताह मिले फीडबैक के आधार पर अगस्त में होने वाली विश्व चैंपियनशिप से पहले और सुधार किए जाएंगे, जब मौसमी समस्याएं भी कम रहने की उम्मीद है।

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