विवादों में फंसी राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैम्पियनशिप
खाली कराए गए होटल, कमरों से बाहर मिला सामान
फाइनल में पहुंचीं निकहत जरीन और लवलीना बोरगोहेन
खेलपथ संवाद
ग्रेटर नोएडा। राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैम्पियनशिप एक बार फिर विवादों में घिर गई है। चैम्पियनशिप में भाग लेने आए कई राज्यों के मुक्केबाजों, प्रशिक्षकों और सपोर्ट स्टाफ को होटल खाली करने के लिए कह दिया गया जबकि चैम्पियनशिप अभी भी जारी है। खैर, रिंग की बात करें तो दो बार की विश्व चैम्पियन निकहत जरीन (51 किलो भार वर्ग) और टोक्यो ओलम्पिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) ने राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह बना ली।
मुक्केबाज गुरुवार और शुक्रवार को जब अपनी बाउट समाप्त कर वापस होटल लौटे तो उनका कमरों से सामान पैक कर रिसेप्शन पर रख दिया गया। उनसे कहा गया कि होटल में उनके लिए आगे की बुकिंग नहीं है। आयोजकों की ओर से मुक्केबाजों को होटल में ठहराने की व्यवस्था कराई गई थी। चैम्पियनशिप के पहले दिन रिंग नहीं लगने के चलते मुकाबले देर से शुरू हुए थे।
महिला मुक्केबाजों के 32 मुकाबले अगले दिन शिफ्ट करने पड़े थे वहीं, भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) का कहना है कि जब उन्हें इसका पता लगा तो उनकी ओर से मुक्केबाजों को ठहराने की तत्काल व्यवस्था कराई गई। ज्यादातर मुक्केबाजों को आयोजन स्थल गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में ठहराया गया है। जहां अच्छे इंतजाम हैं। महासंघ का कहना है कि उनकी घटनाक्रम पर पूरी नजर है।
दो बार की विश्व चैम्पियन निकहत जरीन (51 किलो भार वर्ग) और टोक्यो ओलम्पिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75) ने राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह बना ली। निकहत ने यूपी की कुसुम बघेल को 4-1 से हराया। लवलीना ने भी यूपी की इमरोज खान को 5-0 से परास्त किया। पुरुषों में जदुमणि सिंह ने अमित पंघाल को 5-0 से परास्त कर दिया। उनकी खिताबी भिड़ंत उत्तराखंड के पवन बर्तवाल के साथ होगी। उन्होंने मणिपुर के विक्टर सिंह को 5-0 से पराजित किया।
