बिहार की बिटिया का दिल्ली में स्वर्णिम प्रदर्शन
सुनीता ने प्रथम राष्ट्रीय तमो मार्शल आर्ट चैम्पियनशिप में जीता गोल्ड
खेलपथ संवाद
बेतिया। संघर्ष, साधना और संकल्प की मिसाल बनकर पश्चिम चम्पारण की बेटी सुनीता ने राजधानी दिल्ली में इतिहास रच दिया। प्रथम राष्ट्रीय तमो मार्शल आर्ट चैम्पियनशिप 2025–26 में मैनाटांड़ प्रखंड के बरवा परसौनी गांव की सुनीता ने स्वर्ण पदक जीतकर न केवल खुद को बल्कि पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया।
सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच एक छोटे से गांव से निकलकर देशभर के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच अपनी पहचान बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी। सुनीता ने आत्मविश्वास, कठोर अभ्यास और अदम्य साहस के बल पर हर चुनौती का सामना किया और राष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित किया।
मुकाबले के दौरान हर पल सुनीता की आंखों में जुनून और चेहरे पर आत्मविश्वास साफ झलकता रहा। निर्णायक क्षण में जब स्वर्ण पदक की घोषणा हुई, तो वह भावनाओं से भरा पल था। आंखें नम थीं, लेकिन गर्व से सिर ऊंचा था, जिसने उनकी मेहनत और लगन की कहानी बयां कर दी।
यह राष्ट्रीय चैम्पियनशिप तमो के अंतरराष्ट्रीय चेयरमैन मेजर जनरल डॉ. दिलावर सिंह के मार्गदर्शन में और शहीद-ए-आजम भगत सिंह के पौत्र यादवेंद्र सिंह संधू की देखरेख में आयोजित की गई थी। देश के विभिन्न हिस्सों से आए खिलाड़ियों के बीच सुनीता की यह जीत बिहार, खासकर पश्चिम चम्पारण के लिए गर्व का विषय बन गई।
सुनीता की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे जिले में खुशी की लहर है। घर-आंगन से लेकर गांव की गलियों तक उत्साह और गर्व का माहौल है। लोग इस उपलब्धि को बेटियों की शक्ति, आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं। खेल विभाग और समस्त बिहारवासियों की ओर से सुनीता को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी गई है।
