नीरज चोपड़ा के गांव-घर में मना जीत का जश्न

गांव खंडरा के लोगों ने देखी स्पर्धा, नाचे और बांटे लड्डू
खेलपथ संवाद
पानीपत।
हरियाणा के पानीपत जिले के गांव खंडरा के रहने वाले गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा ने पेरिस ओलम्पिक में जेवलिन थ्रो के फाइनल में 89.45 मीटर का थ्रो कर देश को रजत पदक दिलाया।  नीरज के सिल्वर मेडल जीतते ही पैतृक गांव खंडरा में बडी एलईडी स्क्रीन पर लाइव मैच देख रहे परिजन व ग्रामीण खुशी से झूम उठे और युवाओं ने जश्न शुरू कर दिया।
ग्रामीण बोले कि अपने नीरज ने तो देश के लिये रजत पदक जीतकर कमाल कर दिया। हालांकि ग्रामीणों व परिजनों को नीरज चोपडा द्वारा गोल्ड जीतने की पूरी उम्मीद थी, जिससे उनको थोड़ी निराशा जरूर हुई। नीरज के मेडल जीतने पर ग्रामीणों ने आतिशबाजी शुरू कर दी और गांव के युवाओं ने तो जमकर डांस किया। वहीं परिजनों द्वारा पहले से ही मंगवा कर रखे गये लड्डुओं को ग्रामीणों ने पहले नीरज चोपडा के दादा धर्म सिंह, पिता सतीश चोपडा व चाचा भीम चोपडा और विधायक बलबीर वाल्मीकि व कुरूक्षेत्र के डीसी सुशील सारवान को खिलाकर बधाई दी गई।
उसके बाद सभी ग्रामीणों में आपस में लड्डू बांटकर खुशी मनाई। इसराना हलके से विधायक बलबीर वाल्मीकि ने नीरज चोपड़ा द्वारा सिल्वर मेडल जीतने पर परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नीरज चोपडा ने सिल्वर मेडल जीतकर पूरी दुनिया में पानीपत का नाम फिर से रोशन कर दिया। वहीं पिता सतीश चोपड़ा बोले कि बेटा नीरज देश की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा और उसने पेरिस ओलम्पिक में सिल्वर जीतकर गांव खंडरा, पानीपत व हरियाणा का नाम पूरी दूनिया में रोशन किया।
पिता ने कहा कि उनको पहले से ही पूरी उम्मीद थी कि बेटा नीरज इस बार भी जरूर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करेगा। दादा धर्म सिंह बोले की मुझे तो अपने पोते पर पहले से ही पूरा विश्वास था कि पोता इस बार भी अपने गांव खंडरा का नाम पूरे संसार में रोशन करेगा। बता दें, नीरज चोपड़ा का मैच देखने को लेकर ग्रामीण रात 10 बजे से ही घर के बाहर लगाई गई कुर्सियों पर बैठ गये थे और गांव के पूर्व सरपंच सोमपाल ने तो मैच शुरू होने से करीब दो घंटे पहले ही लड्डू बंटवा दिये और कहा कि गांव वालों को पूरा विश्वास है कि नीरज इस बार भी मेडल जीतकर गांव लौटेगा।
माता सरोज देवी ने कहा कि नीरज ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बार चूरमा जरूर खिलाएंगे। पीएम के लिए पिछली बार भी अपने हाथों का चूरमा भेजा था, लेकिन किसी वजह से वह उन तक नहीं पहुंच पाया था। मां ने कहा कि बेटे नीरज ने इस बार भी गोल्ड को लेकर बहुत मेहनत की पर अब किस्मत पर है कि किसको क्या मिलता है। वहीं चाचा भीम चोपड़ा ने कहा कि नीरज ने इस बार सिल्वर मेडल जीतकर पानीपत का नाम रोशन किया है। दादा धर्म सिंह ने बताया कि पोते नीरज द्वारा मेडल जीतने पर बहुत खुशी है और पोते का गांव में पहुंचने पर जोरदार स्वागत करेंगे।

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