निकहत जरीन ने एक साथ दो उपलब्धियां हासिल कीं

मुक्केबाज ने पदक के साथ ओलम्पिक कोटा किया तय
खेलपथ संवाद
हांगझोऊ।
दो बार की विश्व चैम्पियन मुक्केबाज निकहत जरीन ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों में महिलाओं के 50 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर पेरिस ओलम्पिक कोटा और पदक पक्का किया। एशियाड में अपना तीसरा मुकाबला खेल रही निकहत को क्वार्टर फाइनल में जॉर्डन की नसार हनान पर आरएससी (रैफरी द्वारा मुकाबला रोकना) से जीत दर्ज करने में तीन मिनट से भी कम समय लगा।
राष्ट्रमंडल खेलों की मौजूदा चैंपियन निकहत ने करारे मुक्कों से शुरुआत की और लगातार सटीक मुक्कों से दबदबा जारी रखा। निकहत का दबदबा इतना था कि रैफरी को जॉर्डन की मुक्केबाज को तीन ‘स्टैंडिंग काउंट’ देने के लिए बाध्य होना पड़ा जिसके बाद उन्होंने मुकाबला रोक दिया। विश्व चैम्पियनशिप की कांस्य पदक विजेता परवीन स्थानीय प्रबल दावेदार जिचुन जू को 5-0 से हराकर क्वार्टरफाइनल में पहुंचने में कामयाब रहीं। वहीं लक्ष्य चाहर को 80 किग्रा वर्ग के राउंड 16 में पहले ही दौर के मुकाबले में किर्गिस्तान के ओमुरबेक बेकझिगिट उलूलु से 1-4 की हार मिली।
महिलाओं के 50 किग्रा, 54 किग्रा, 57 किग्रा और 60 किग्रा भारवर्ग के सेमीफाइनल जबकि 66 किग्रा और 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बनाने वाली मुक्केबाज पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करेंगी। पुरुष वर्ग में सात वजन वर्गों से स्वर्ण और रजत पदक विजेताओं को ओलंपिक कोटा मिलेगा।

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