आज हॉकी में होगा भारत-पाकिस्तान का महामुकाबला

पाक हारा तो सेमीफाइनल की रेस से होगा बाहर
खेलपथ संवाद
चेन्नई।
सेमीफाइनल में अपनी जगह पहले ही पक्की कर चुकी तीन बार की चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान के खिलाफ बुधवार को होने वाले राउंड रॉबिन लीग के अंतिम मैच में आत्ममुग्धता से बचना होगा। जहां तक टूर्नामेंट में अभी तक दोनों टीमों के प्रदर्शन का सवाल है तो भारत अपने चार मैचों में अजेय रहा है, जबकि पाकिस्तान केवल एक जीत दर्ज कर पाया है।
उसने दो मैच ड्रॉ कराए, जबकि एक मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा। उसकी सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद इस महत्वपूर्ण मैच के परिणाम पर टिकी है। पाकिस्तान की कोशिश हार से बचने की होगी, टीम ड्रॉ का लक्ष्य लेकर चल सकती है। ड्रॉ पर भी पाकिस्तानी टीम की सेमीफाइल में पहुंचने की उम्मीदें दूसरे टीमों के नतीजों पर टिकी होंगी।
पाकिस्तान भी भारत की तरह तीन बार का चैंपियन है। दोनों टीमों की पिछली भिड़ंत पिछले साल 23 मई को जकार्ता में एशिया कप में हुई थी। यह मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा था। पिछले 14 मुकाबलों में भारतीय टीम पाकिस्तान से नहीं हारी है। इस दौरान उसने 12 जीत दर्ज की हैं और दो मैच ड्रॉ खेले हैं।
अगर पाकिस्तान इस मैच में जीत दर्ज करता है तो वह अंतिम चार में पहुंच जाएगा, लेकिन हारने पर उसका भाग्य चीन और जापान के मैच के परिणाम पर टिका रहेगा। यदि पाकिस्तान हार जाता है तो फिर उसे चीन की जापान पर जीत के लिए दुआ करनी होगी। यदि जापान जीत हासिल करता है तो फिर जीत का अंतर कम होना चाहिए। पाकिस्तान इसके अलावा यह भी चाहेगा कि मलयेशिया की टीम दक्षिण कोरिया पर बड़े अंतर से जीत दर्ज करे।
भारत दस अंक के साथ शीर्ष पर
भारत तीन जीत और एक ड्रॉ से 10 अंक लेकर शीर्ष पर काबिज है। उसके बाद मलयेशिया (9 अंक), दक्षिण कोरिया (5), पाकिस्तान (5), जापान (2) और चीन (1) का नंबर आता है। भारत और पाकिस्तान ने भले ही यह टूर्नामेंट तीन-तीन बार जीता है, लेकिन वर्तमान रैंकिंग और फॉर्म को देखते हुए भारत बुधवार को जीत के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगा। हालांकि, जब मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच हो तो रैंकिंग खास मायने नहीं रखती। जो भी टीम दबाव का अच्छी तरह से सामना करेगी, उसकी जीत की संभावना अधिक होगी।
हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली भारतीय टीम ने अभी तक आक्रामक हॉकी खेली है और उसने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने के स्ट्राइक रेट में सुधार किया है। इस महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले भारतीय टीम को अपनी रक्षा पंक्ति को मजबूत करना होगा। भारत और पाकिस्तान को लगातार मैच खेलने के बाद एक दिन का विश्राम मिला है जिससे निश्चित तौर पर दोनों टीमों को मदद मिलेगी।
पाकिस्तान ने अपने पिछले मैच में चीन को 2-1 के करीबी अंतर से हराकर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा है। टीम को हालांकि मौकों को भुनाना होगा। इसके अलावा उसके युवा खिलाड़ियों को भारतीय टीम को दर्शकों से मिलने वाले अपार समर्थन के दबाव में आने से बचना होगा।
सेमीफाइनल में फिर हो सकती है भिड़ंत
भारत इस मैच में जीत दर्ज करके शीर्ष स्थान बरकरार रखना चाहेगा। इसकी भी पूरी संभावना है कि सेमीफाइनल में भारत और पाकिस्तान फिर से आमने-सामने हों क्योंकि चोटी पर रहने वाली टीम चौथे नंबर की टीम से भिड़ेगी। दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम तीसरे स्थान की टीम से सेमीफाइनल खेलेगी।
भारत-पाकिस्तान के कप्तानों ने क्या कहा?
दोनों टीमों के टॉप स्कोरर की बात करें तो भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अब तक चार मैचों में पांच गोल किए हैं, जबकि पाकिस्तान के मुहम्मद खान ने तीन किए हैं। मैच से पहले भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा- हमें अपने डिफेंस में अब भी काम करने की जरूरत है और साथ ही हमें आसानी से पेनल्टी कॉर्नर नहीं देने होंगे। हमें सर्किल के अंदर गेंद पर बेहतर तरीके से नियंत्रण बनाना होगा। वहीं, पाकिस्तान के कोच मोहम्मद सकलैन ने कहा- हमें भारतीय टीम के कमजोर पहलुओं के बारे में पता है। युवा खिलाड़ियों को दबाव से निपटना सीखना होगा। उनके खिलाफ खास रणनीति अपनाएंगे। पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान उमर भुट्टा ने मैच से पहले कहा- भारतीय दर्शकों का हमारे ऊपर कोई दबाव नहीं होगा। हम माहौल का लुत्फ ही उठाएंगे। हमें बस योजनाओं को लागू करना होगा।

 

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