चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महान हाकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग की। अमरेंद्र ने मोदी को लिखे पत.......
साइना नेहवाल और पी.वी. सिंधु भारतीय बैडमिंटन में साल भर दो बेटियों की ही चर्चा होती है। दुनिया में कोई भी प्रतियोगिता हो ओलम्पिक पदकधारी साइना नेहवाल और पी.वी. सिंधु से हम पदक की जब-जब अपेक्षा करते हैं ये दोनों शटलर अपने मुरीदों को निराश नहीं करतीं। बैडमिंटन के क्षेत्र में देश को शोहरत दिला रही इन बेटियों की अदम्य इच्छाशक्ति और इनके माता-पिता के समर्पण की जितनी तारीफ की जाए कम है। पी.वी. सिंधु और साइना नेहवाल को खेल विरासत में मिले। इन दोनों के माता-पिता खिलाड़ी रहे.......
पूर्व कप्तान दीपिका ठाकुर और उसके परिजन नाराज .......
मऊ जिले के मुंगेसर गांव को नई पहचान दिला रही है किसान की बेटी जिम्नास्टिक को गांव-गांव तक पहुंचाने का जुनून श्रीप्रकाश शुक्ला देश में बेटियों को लेकर तरह-तरह की बातें होती हैं। बदलते समाज के बावजूद आज भी इन्हें चूल्हे-चौके के काबिल ही माना जाता है जबकि हमारी बेटियां खेल मैदानों से लेकर अंतरिक्ष तक की उड़ानें भर शिक्षा जगत में अपनी मेधा का परचम लहरा रही हैं। बेटियों के दिल में भी मादरेवतन की अस्मिता की फिक्र है। ब.......
भारतीय महिला बॉडीबिल्डर का जलवा यास्मीन चौहान आम लड़कियों से एकदम अलग हैं। वह ऐसे खेल में हैं जिसे मर्दों का खेल माना जाता है। एक लड़की होकर इस खेल में अपनी पहचान बनाना कोई आसान काम नहीं है। यास्मीन चौहान को बाइक चलाना बेहद पसंद है। हर दर्द को सहकर इस लड़की ने अपने शरीर को .......
अंतरराष्ट्रीय पैरालम्पिक समिति ने भी दीपा को माना सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी .......
समुद्री तैराकी में निजी रिकॉर्ड बनाने को उत्सुक कैंसर से खेल रत्न तक की संघर्षगाथा खेल-पथ प्रतिनिधि हौसलों की उड़ान क्या होती है, इसे अपने अदम्य साहस से दीपा मलिक ने चरितार्थ कर दिखाया। लोग कहते थे कि वह चल नहीं सकतीं सो वह बाइकर, स्वीमर और एथलीट बन गईं। पैरालम्पिक में भारत को चांदी का पदक दिलाने वाली पहली महिला में संघर्ष का जज्बा कम होने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है। जिस उम्र में खिलाड़ी संन्यास की सोच लेते हैं उ.......
कर्णम मल्लेश्वरी भारत की प्रसिद्ध भारोत्तोलक (वेटलिफ़्टर) हैं। वे ओलम्पिक खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली प्रथम महिला खिलाड़ी हैं। अपने मजबूत हौसले और दिलेर कारनामों से कर्णम मल्लेश्वरी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगे की शान को चार चांद लगाया है। मंच कोई भी हो, लेकिन 'जीत हर कीमत पर' का इरादा रखने वाली इस वेटलिफ्टर की ज़िंदगी संघर्ष और कामयाबी के अद्भुत कहानी रही है। 2000 में सिडनी में हुए ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ी कर्णम मल्लेश्वरी ने महिलाओं के 69 किलो वर्ग में कांस्य पदक जीतकर .......
मुसीबतों का किया दिलेरी से सामना श्रीप्रकाश शुक्ला भारत को एशियन गेम्स 2014 में 20 किलोमीटर पैदल चाल प्रतियोगिता में पहली बार रजत पदक दिलाने वाली देश की प.......
पहले की अपेक्षा अब बहुत सुधार, पर अभी भी बहुत कुछ करना बाकी नई दिल्ली: भारतीय एथलीट हिमा दास ने हाल ही में यूरोप में पांच ग.......