भारतीय मुक्केबाजी महासंघ में घमासान जारी

महासचिव हेमंत कलिता और कोषाध्यक्ष दिग्विजय सिंह निलम्बित

चुनाव से पहले वित्तीय अनियमितताओं पर हुई यह कार्रवाई

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) में चुनाव से पहले घमासान चरम पर पहुंच गया है। बीएफआई ने मंगलवार को महासचिव हेमंत कलिता और कोषाध्यक्ष दिग्विजय सिंह को वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलम्बित कर दिया। साथ ही 28 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए कलिता के अध्यक्ष पद पर नामांकन को भी रद्द कर दिया।

बीएफआई ने दोनों का निलम्बन दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज सुधीर कुमार जैन की जांच रिपोर्ट के आधार पर किया है। जैन को बीएफआई ने ही महासंघ में वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। कलिता का नामांकन रद्द होने से अध्यक्ष पद पर मुकाबला अजय सिंह, राजेश भंडारी और डी. चंद्रलाल के बीच रह गया है। खेल संहिता के अनुसार अध्यक्ष चार साल के तीन लगातार कार्यकाल पूरे कर सकता है, जबकि महासचिव और कोषाध्यक्ष चार-चार वर्ष के दो कार्यकाल पूरे करने के बाद चार वर्ष के कूलिंग ऑफ पीरियड पर जाएंगे। इसके बाद वे चार साल के एक कार्यकाल के लिए फिर से चुनाव लड़ने के योग्य होंगे। कर्नाटक के एन. सतीश का नामांकन भी महासचिव पद पर रद्द किया गया है। 

बीएफआई के अध्यक्ष अजय सिंह की ओर से जारी पत्र में कहा गया, जस्टिस जैन ने अपनी जांच में दोनों पदाधिकारियों को वित्तीय अनियमितताओं और कुप्रबंधन का दोषी पाया है। महासंघ में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दोनों को उनके पदों से निलम्बित किया जाता है। जस्टिस जैन की जांच रिपोर्ट खेल मंत्रालय को भी भेजी गई है। कलिता का नामांकन खेल संहिता के उल्लंघन पर रद्द किया गया है। जिसमें कहा गया है कि उनके बीएफआई में दो कार्यकाल पूरे हो गए हैं। उन्हें कूलिंग ऑफ पीरियड पर जाना जरूरी है।

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