18 साल की अनाहत सिंह इतिहास रचने से बस एक जीत दूर
विश्व जूनियर स्क्वैश चैम्पियन बनकर बढ़ाएंगी देश का गौरव
खेलपथ संवाद
ओंटैरियो। भारत की स्टार स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने विश्व जूनियर स्क्वैश चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वह वर्ष 2005 में अनुभवी खिलाड़ी जोशना चिनप्पा के बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। अब अनाहत भारत की पहली विश्व जूनियर स्क्वैश चैम्पियन बनने से सिर्फ एक जीत दूर हैं।
शीर्ष वरीयता प्राप्त दिल्ली की अनाहत ने सेमीफाइनल में मिस्र की तीसरी/चौथी वरीय बार्ब सामेह को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज अनाहत ने पिछले साल कांस्य पदक जीता था और इस बार खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। जीत के बाद अनाहत ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं। कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में भी मेरा बार्ब के खिलाफ मुकाबला हुआ था और वह भी काफी करीबी रहा था। इसलिए मुझे पता था कि आज मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।'
उन्होंने आगे कहा, 'पिछले मैच में मैं अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखा सकी थी, इसलिए आज मैंने खुद को साबित करने की कोशिश की। मैंने चार बार विश्व जूनियर चैम्पियनशिप खेली है और पहले क्वार्टर फाइनल व सेमीफाइनल में हार चुकी हूं। फाइनल में पहुंचकर मेरे माता-पिता और कोच बहुत खुश हैं, लेकिन टूर्नामेंट अभी खत्म नहीं हुआ है।'
फाइनल में अनाहत का सामना मिस्र की दूसरी वरीय रुकय्या सालेम से होगा। अगर वह यह मुकाबला जीतने में सफल रहती हैं तो विश्व जूनियर स्क्वैश चैम्पियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगी। भारतीय स्क्वैश के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि होगी और अनाहत के शानदार करियर में एक नया अध्याय जोड़ देगी।
