भारतीय मुक्केबाज ज्योति गुलिया ने जमाया स्वर्णिम पंच
भारत ने कुल छह पदकों के साथ किया सफर का अंत
खेलपथ संवाद
गुइयांग (चीन)। चीन में आयोजित विश्व बॉक्सिंग कप 2 में भारतीय मुक्केबाज ज्योति गुलिया ने रविवार को रिंग में बेहतरीन और दमदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में एकमात्र स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) डाल दिया। ज्योति ने 48 किलोग्राम भारवर्ग के कड़े फाइनल मुकाबले में उज्बेकिस्तान की मुक्केबाज फरजोना फोजिलोवा को धूल चटाई। इसके साथ ही भारतीय मुक्केबाजों ने दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में तीन और रजत पदक (सिल्वर मेडल) भी अपने नाम किए।
ज्योति ने अपनी विरोधी खिलाड़ी फोजिलोवा, जो विश्व बॉक्सिंग कप ब्राजील की मौजूदा स्वर्ण पदक विजेता हैं, को पूरी तरह आउटक्लास कर दिया। भारतीय मुक्केबाज ने जजों के 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से यह खिताबी मुकाबला अपने नाम किया। शानदार फाइनल मुकाबलों के जरिए भारत के खाते में तीन और रजत पदक जुड़े।
मीनाक्षी (51 किलोग्राम): 48 किलोग्राम भारवर्ग में दुनिया की नम्बर एक मुक्केबाज मीनाक्षी इस बार अधिक वजन वर्ग (51 किलोग्राम) में प्रतिस्पर्धा कर रही थीं। फाइनल मैच में उन्हें चीन की वू यू के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
प्राची (57 किलोग्राम): इस टूर्नामेंट में अब तक बेहतरीन सफर तय करने वाली प्राची को भी अपने खिताबी मुकाबले में हार का मुंह देखना पड़ा। उन्हें उज्बेकिस्तान की निगीना उक्तामोवा ने 0-5 से शिकस्त दी, जिसके चलते प्राची ने रजत पदक पर कब्जा जमाया।
दीपक (70 किलोग्राम): पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारत के दीपक को भी रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। उन्हें खिताबी भिड़ंत में कजाकिस्तान के अब्लैखान झुसुपोव के खिलाफ 0-5 से हार झेलनी पड़ी।
इससे पहले, प्रतियोगिता के शुरुआती दौर में भारत ने जुगनू (85 किलोग्राम) और निखिल (55 किलोग्राम) के दम पर दो कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) पहले ही पक्के कर लिए थे। इन दोनों कांस्य पदकों के साथ अब इस विश्व बॉक्सिंग कप में भारत की कुल पदक तालिका छह पर पहुंच गई है, जिसमें 1 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं।
