भारतीय बेटियों ने नीदरलैंड को दी 95 रन से मात
टी-20 वर्ल्ड कप में दूसरी जीत से शीर्ष पर टीम इंडिया
स्म़ृति मंधाना और शेफाली वर्मा के शानदार अर्धशतक
खेलपथ संवाद
लीड्स। भारतीय महिला क्रिकेट टीम स्मृति मंधाना (74 रन), शेफाली वर्मा (55 रन, 20 रन देकर तीन विकेट) और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत महिला टी20 विश्व कप के अपने दूसरे मैच में नीदरलैंड को 95 रन से शिकस्त देकर ग्रुप एक में शीर्ष पर पहुंच गई।
बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद मंधाना (47 गेंद में 11 चौके और एक छक्का) और शेफाली (38 गेंद, 10 चौके) ने नीदरलैंड के कमजोर गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए पहले विकेट के लिए 115 रन की साझेदारी निभाई। इससे भारतीय टीम पांच विकेट पर 209 रन का स्कोर खड़ा कर विश्व कप इतिहास में सबसे बड़ा स्कोर बनाने में कामयाब रही।
जवाब में नीदरलैंड की टीम 17.3 ओवर में 114 रन पर ढेर हो गई। यह उसकी लगातार दूसरी हार थी। उसके लिए कप्तान बाबेटे डि लीडे 27 गेंद में 28 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहीं। पहले मैच में बांग्लादेश से हारने वाली नीदरलैंड की बल्लेबाज शुरू में संभलकर खेलीं। फिर लगातार विकेट गंवाने से कोई अहम साझेदारी नहीं बना सकीं। टीम की कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने नहीं टिक सकीं।
टीम ने अंतिम सात विकेट 23 गेंद में गंवा दिए। भारतीय गेंदबाजों में श्री चरणी सबसे रहीं, जिन्होंने चार ओवर में 19 रन देकर चार विकेट झटके। शेफाली वर्मा ने अपने हरफनमौला खेल से नीदरलैंड की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। अर्धशतक जड़ने के बाद उन्होंने 3.2 ओवर में 20 रन देकर तीन विकेट झटके। इस तरह वह हेली मैथ्यूज और सुने लुस के बाद महिला टी20 विश्व कप मैच में अर्धशतक और तीन विकेट लेने वाली तीसरी खिलाड़ी बन गईं। नंदनी शर्मा ने तीन ओवर में 22 रन देकर दो विकेट प्राप्त किए। अनुभवी स्पिनर दीप्ति शर्मा को एक विकेट मिला। श्रेयंका पाटिल हालांकि एक गेंद डालने के बाद टखना मुड़ने के कारण गेंदबाजी नहीं कर सकीं।
इससे पहले मंधाना ने लगातार दूसरी अर्धशतकीय पारी खेली। शेफाली ने टूर्नामेंट में पहला अर्धशतक लगाया। विकेटकीपर बल्लेबाज रिचा घोष 20 रन और दीप्ति शर्मा 10 रन बनाकर नाबाद रहीं। उनके अलावा जेमिमा रोड्रिग्स ने 19 रन का योगदान दिया। पिछले मैच में पाकिस्तान पर जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम ने दो बदलाव करते हुए अरूंधति रेड्डी को आराम देकर नंदिनी शर्मा को और भारती फुलमाली की जगह यास्तिका भाटिया को अंतिम एकादश में शामिल किया।
