तमिलनाडु में शारीरिक शिक्षा की कक्षाएं अनिवार्य
कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को सरकार की सौगात
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। स्कूली छात्र-छात्राओं की शारीरिक फिटनेस और खेलों में भागीदारी बढ़ाने के लिए तमिलनाडु सरकार ने एक अहम और बड़ा फैसला लिया है। नए शैक्षणिक सत्र से तमिलनाडु के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए शारीरिक शिक्षा (फिजिकल एज्यूकेशन) की कक्षाएं अनिवार्य कर दी गई हैं।
सरकार ने यह कदम उन शिकायतों के बाद उठाया है, जिनमें कई निजी स्कूलों द्वारा खेल पीरियड की जगह अतिरिक्त अकादमिक कक्षाएं चलाने की बात सामने आई थी। सरकार ने खेल मैदानों के उपयोग की निगरानी और खेलों में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त प्रशिक्षण देने के भी निर्देश जारी किए हैं। इस शैक्षणिक वर्ष से प्रभावी होने जा रहे इस आदेश का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण और सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है।
तमिलनाडु सरकार ने राज्य भर के सभी स्कूलों, जिनमें निजी संस्थान भी शामिल हैं, के लिए इस शैक्षणिक वर्ष से कक्षा छह से बारह तक के छात्रों के लिए शारीरिक शिक्षा की कक्षाएं संचालित करना अनिवार्य कर दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने शारीरिक शिक्षा की कक्षाएं संचालित करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसी रिपोर्ट और शिकायतें मिली हैं कि कई निजी स्कूल पिछले साल शारीरिक शिक्षा की कक्षाएं आयोजित करने में विफल रहे और इसके बजाय उस अवधि का उपयोग विशेष कक्षाओं के लिए किया। इसके बाद, जिले के सभी शारीरिक शिक्षा निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे अप्रयुक्त खेल के मैदानों वाले विद्यालयों का विवरण तुरंत रिपोर्ट करें।
दिशा-निर्देशों में आगे कहा गया है कि शारीरिक शिक्षा कक्षाओं के अतिरिक्त, स्कूल के बाद खेलों में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विशेष खेल प्रशिक्षण प्रदान किया जाना चाहिए। अधिकारियों को उन स्कूलों की पहचान करने का भी निर्देश दिया गया था जिन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में एक या अधिक विधाओं में सफलता हासिल की है।
