सावन बरवाल ने 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा
रोटरडैम एनएन मैराथन में चमका हिमाचल प्रदेश का सितारा
खेलपथ संवाद
रोटरडैम (नीदरलैंड)। सावन बरवाल ने रविवार को रोटरडैम एनएन मैराथन में भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में सबसे लम्बे समय से कायम 48 साल पुराने राष्ट्रीय मैराथन रिकॉर्ड को तोड़कर इतिहास रच दिया। हिमाचल प्रदेश के इस लम्बी दूरी के धावक ने दो घंटे 11 मिनट और 58 सेकेंड का समय लेकर इस शीर्ष स्तर की मैराथन में 20वां स्थान हासिल किया और शिवनाथ सिंह के नाम 1978 से कायम दो घंटे 12 मिनट के पिछले राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले दूसरे भारतीय धावक गोपी थोनकल ने 42.195 किलोमीटर की दूरी दो घंटे 13 मिनट और 16 सेकेंड में पूरी करके 23वां स्थान हासिल किया। बरवाल की उपलब्धि इसलिए भी सराहनीय है क्योंकि रोटरडैम में आयोजित यह मैराथन उनकी पहली मैराथन थी। जनवरी में अमेरिका में आयोजित विश्व एथलेटिक्स क्रॉस कंट्री चैम्पियनशिप में भाग लेने के बाद यह इस सत्र की उनकी दूसरी प्रतियोगिता थी।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंदर नगर के एक गांव से ताल्लुक रखने वाले 28 वर्षीय बरवाल ने कई वर्षों तक कड़ी मेहनत की है और खुद को एक बेहतर लम्बी दूरी के धावक के रूप में स्थापित किया है। बरवाल ने कहा कि आखिरी पांच किलोमीटर की दौड़ के दौरान मौसम काफी ठंडा था, जिससे सामंजस्य बिठाने में उन्हें परेशानी हुई। उन्होंने कहा, 'मौसम काफी ठंडा था। पानी के स्टेशन पर मैंने गलती से अपने सिर पर पानी डाल लिया।' उन्होंने कहा, '37 किलोमीटर तक मैं आराम से दौड़ रहा था, लेकिन आखिरी दो किलोमीटर काफी मुश्किल भरे थे, क्योंकि मुझे फिनिश लाइन पार करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा।' उन्होंने कहा, 'मैं दो घंटे 10 मिनट का समय निकालने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार था, लेकिन मुश्किल परिस्थितियों ने मुझे अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड और बेहतर करने से रोक दिया।'
सेना में कार्यरत बरवाल लगभग 21 किलोमीटर की दौड़ के बाद एक घंटे चार मिनट और 43 सेकेंड के समय के साथ 27वें स्थान पर थे, जबकि गोपी 33वें पायदान पर थे। बरवाल ने इसके बाद अपनी गति बढ़ाई और 35वें किलोमीटर के पास 19वें स्थान पर पहुंच गए। विश्व एथलेटिक्स की वेबसाइट पर उनके पिछले दौड़ रिकॉर्ड में किसी मैराथन का उल्लेख नहीं है। उन्होंने हालांकि कई हाफ मैराथन, 5000 मीटर और 10000 मीटर दौड़ों में भाग लिया है। उन्होंने 2022 फेडरेशन कप राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 10000 मीटर में रजत पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
एशियाई हाफ मैराथन चैम्पियनशिप में जीत चुके कांस्य पदक
सावन बरवाल ने दुबई में आयोजित एशियाई हाफ मैराथन चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतकर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक हासिल किया था। बरवाल ने 2024 में फेडरेशन कप में 5000 मीटर में स्वर्ण पदक जीतकर अपना पहला राष्ट्रीय खिताब जीता। बरवाल के लिए 2025 सबसे सफल वर्ष रहा, क्योंकि उन्होंने उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में 5000 मीटर और 10000 मीटर में स्वर्ण पदक, फेडरेशन कप में 10000 मीटर में स्वर्ण पदक और भुवनेश्वर में आयोजित विश्व एथलेटिक्स कांस्य स्तरीय महाद्वीपीय टूर प्रतियोगिता में 5000 मीटर में कांस्य पदक जीता। गोपाल ठाकुर द्वारा प्रशिक्षित बरवाल दिल्ली हाफ मैराथन और विश्व 25के कोलकाता दौड़ में भी नियमित रूप से भाग लेते रहे हैं। उन्होंने 2024 में दिल्ली हाफ मैराथन में भारतीय एलीट वर्ग के धावकों में स्वर्ण पदक जीता था।
