दिलीप टिर्की के साथ रिकॉर्ड विवाद की अटकलों को मनप्रीत ने किया खारिज

अनुभवी मिडफील्डर ने कहा कि मेरा ध्यान सिर्फ एशियाई खेलों पर है

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के रिकॉर्ड को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य लक्ष्य आगामी एशियाई खेलों में बेहतर प्रदर्शन करना है। मनप्रीत अब तक भारत के लिए 411 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं और वह दिलीप टिर्की के 412 मैचों के रिकॉर्ड से केवल दो मैच दूर हैं। हाल ही में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि इस रिकॉर्ड को लेकर मनप्रीत और हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की के बीच तनाव है।

इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए मनप्रीत ने कहा कि उन्होंने खुद टिर्की से इस विषय पर बात की है। उन्होंने कहा, 'इस बारे में काफी बातें हो रही थीं, लेकिन मैंने दिलीप सर से बात की है। वह खुद चाहते हैं कि मैं उनका रिकॉर्ड तोड़ूं और 500 मैच तक खेलूं।' मनप्रीत ने आगे कहा कि वह अपनी फिटनेस पर लगातार काम कर रहे हैं क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय तक खेलने के लिए फिट रहना बेहद जरूरी है। उनका फोकस एशियाई खेलों और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करना है।

दिलीप टिर्की ने भी इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा, 'ऐसा बिल्कुल नहीं है कि मेरा रिकॉर्ड बचाने के लिए मनप्रीत को खेलने से रोका जा रहा है। अगर ऐसा होता तो उन्हें पहले ही टीम से बाहर किया जा सकता था। हम हमेशा खिलाड़ियों के सम्मान और उनके प्रदर्शन को प्राथमिकता देते हैं।' टिर्की ने यह भी बताया कि पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान ही भविष्य की योजना बनाई गई थी, जिसके तहत कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों को लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए नहीं चुना जाएगा, ताकि नए खिलाड़ियों को तैयार किया जा सके।

टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारतीय टीम को 41 साल बाद कांस्य पदक दिलाने वाले कप्तान मनप्रीत ने कहा कि वह साल-दर-साल अपने लक्ष्य तय करते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान एशियाई खेलों पर है और आगे का निर्णय वह अपनी फिटनेस और प्रदर्शन के आधार पर लेंगे। मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन के दृष्टिकोण पर बात करते हुए मनप्रीत ने कहा कि टीम में चयन पूरी तरह फिटनेस और प्रदर्शन पर निर्भर करता है।

रिलेटेड पोस्ट्स