टी-20 विश्व कप के फाइनल में पहुंची इंडिया
इंग्लैंड को 7 रन से दी मात, सैमसन की पारी पड़ी भारी
खेलपथ संवाद
मुम्बई। संजू सैमसन के तूफानी अर्धशतक से भारत ने आईसीसी टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में जैकब बेथेल के आक्रामक शतक के बावजूद इंग्लैंड को सात रन से हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई। यह मुकाबला रोमांच की हद तक पहुंचा लेकिन अंतिम ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी कर लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार खिताबी दौर में जगह बनाने में सफलता हासिल कर ली।
भारत के 254 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम बेथेल (105 रन, 48 गेंद, सात छक्के, आठ चौके) के शतक और विल जैक्स (35 रन, 20 गेंद, चार चौके, दो छक्के ) के साथ उनकी पांचवें विकेट की 77 तथा सैम कुरेन (18) के साथ छठे विकेट की 50 रन की साझेदारी के बावजूद सात विकेट पर 246 रन ही बना सकी। भारत की ओर से हार्दिक पंड्या ने 38 रन देकर दो विकेट चटकाए।
बुमराह ने चार ओवर में सिर्फ 33 रन देकर एक विकेट हासिल किया। वरुण चक्रवर्ती ने 64 रन लुटाकर एक विकेट चटकाया जो इस प्रारूप में भारत की ओर से सबसे महंगे स्पैल है। भारत अब फाइनल में रविवार को न्यूजीलैंड से भिड़ेगा और टी20 विश्व का खिताब बचाने वाली पहली टीम बनकर इतिहास रचने की कोशिश करेगा। सैमसन ने इससे पहले 15 रन के स्कोर पर मिले जीवनदान का फायदा उठाते हुए 42 गेंद में सात छक्कों और आठ चौकों से 89 रन की पारी खेलने के अलावा इशान किशन (39 रन, 18 गेंद, चार चौके दो छक्के) के साथ दूसरे विकेट के लिए 45 गेंद में 97 और शिवम दुबे (43 रन, 25 गेंद, चार छक्के, एक चौका) के साथ तीसरे विकेट के लिए 22 गेंद में 43 रन की साझेदारी की जिससे भारत ने सात विकेट पर 253 रन बनाए जो टूर्नामेंट के इतिहास में नॉकआउट मुकाबलों का सर्वोच्च स्कोर है।
पंड्या (12 गेंद में 27 रन, तीन चौके, दो छक्के) और तिलक वर्मा (सात गेंद में 21 रन, तीन छक्के) ने अंत में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की। भारत की पारी में 19 छक्के लगे जो टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इंग्लैंड की ओर से स्पिनरों विल जैक्स (40 रन पर दो विकेट) और आदिल राशिद (41 रन पर दो विकेट) ने दो-दो विकेट चटकाए। तेज गेंदबाजों जोफ्रा आर्चर और सैम कुरेन ने क्रमश: 61 और 53 रन लुटाए। आर्चर को एक विकेट मिला जबकि कुरेन की झोली खाली रही। लक्ष्य का पीछा करने उतरे इंग्लैंड ने पावर प्ले में तीन विकेट पर 68 रन बनाकर मिश्रित शुरुआत की। पंड्या ने पारी के दूसरे ओवर की अपनी पहली ही गेंद पर फिल सॉल्ट (05) को अक्षर पटेल के हाथों कैच कराया।
खराब फॉर्म से जूझ रहे जोस बटलर (25) ने अर्शदीप पर दो चौकों से शुरुआत की और फिर पंड्या पर छक्का जड़ा। कप्तान हैरी ब्रूक (07) हालांकि बुमराह की पहली ही गेंद को हवा में लहरा गए और अक्षर ने पीछे की ओर दौड़ते हुए उनका शानदार कैच लपका। बेथेल ने वरुण चक्रवर्ती का स्वागत लगातार तीन छक्कों के साथ किया लेकिन बटलर इस लेग स्पिनर की सीधी गेंद को चूककर बोल्ड हो गए। टॉम बेंटन (17) ने अक्षर का स्वागत दो छक्कों के साथ किया, लेकिन फिर बाएं हाथ के इस स्पिनर की गेंद को चूककर बोल्ड हो गए। बेथेल ने चक्रवर्ती पर चौके के साथ नौवें ओवर में इंग्लैंड का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। बेथेल ने बुमराह की गेंद पर दो रन के साथ सिर्फ 19 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। जैक्स इसके बाद भारत के शानदार क्षेत्ररक्षण का शिकार बने। उन्होंने अर्शदीप की फुलटॉस पर बड़ा शॉट खेला और बाउंड्री पर अक्षर ने कैच लपक लिया लेकिन बाउंड्री से बाहर जाने लगे तो गेंद दुबे की ओर बढ़ा दी, जिन्होंने इसे लपक लिया।
इंग्लैंड को अंतिम पांच ओवर में 69 रन की दरकार थी। बेथेल ने अर्शदीप पर छक्के के साथ 17वें ओवर में टीम के रनों का दोहरा शतक पूरा किया। बुमराह के 18वें ओवर में सिर्फ छह रन बने जिससे इंग्लैंड को अंतिम दो ओवर में 39 रन की जरूर थी। बेथेल ने पंड्या पर छक्के के साथ 45 गेंद पर शतक पूरा किया लेकिन सैम कुरेन (18) ने बाउंड्री पर तिलक को कैच थमा दिया। इस आवेर में सिर्फ नौ रन बने। इंग्लैंड को अंतिम ओवर में 30 रन की जरूरत थी और बेथेल दुबे की पहली ही गेंद पर दो रन लेने की कोशिश में रन आउट हो गए, जिससे भारत की जीत लगभग तय हो गई। दुबे के ओवर में 22 रन ही बने।
