डरपोक पाकिस्तान को सताने लगी पराजय की चिन्ता

पहले अंडर-19 टीम ने औंधे मुंह पटका, अब सीनियरों की बारी

अब सीनियर टीम का सामना करने का साहस नहीं!

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। टी20 विश्व कप की शुरुआत अगले पांच दिनों में होने जा रही है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गया है। पहले बांग्लादेश के कारण विश्व कप विवादों में रहा और अब पाकिस्तान इसकी चमक फीकी करने की कोशिशों में जुटा हुआ है। भारत और पाकिस्तान की टीमें आईसीसी टूर्नामेंट्स में ही एक दूसरे का सामना करती हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सकेगा क्योंकि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ खेलने से मना कर दिया है। हालांकि, बहिष्कार की नौटंकी करने वाला पाकिस्तान इस मामले पर दोहरा रवैया अपना रहा है।

बांग्लादेश को टी20 विश्व कप से बाहर करने के बाद पाकिस्तान आईसीसी को आंखें दिखा रहा था। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने कहा था कि विश्व कप में खेलने का फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ करेंगे। नकवी ने हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात भी की थी। पाकिस्तानी सरकार ने रविवार को राष्ट्रीय टीम को विश्व कप में खेलने की मंजूरी दे दी। सरकार ने हालांकि, इस बात का एलान किया कि पाकिस्तान की टीम भारत के खिलाफ होने वाले ग्रुप चरण के मैच का बहिष्कार करेगी।

पाकिस्तान ने जब भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच का बहिष्कार करने का फैसला लिया, उसी दिन भारतीय अंडर-19 टीम ने पाकिस्तान को विश्व कप से बाहर का रास्ता दिखाया। दरअसल, दोनों टीमों के बीच रविवार को बुलवायो में अंडर-19 विश्व कप का मुकाबला खेला गया। दोनों टीमों के लिए यह मैच काफी अहम था क्योंकि इससे सेमीफाइनल का रास्ता तय होना था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवर में 252 रन बनाए। पाकिस्तान की टीम 46.2 ओवर में ही 194 रन पर आउट हो गई। भारतीय टीम ने इस तरह सेमीफाइनल में प्रवेश किया, जबकि पाकिस्तान का सफर अंडर-19 विश्व कप में समाप्त हो गया।

अलग टूर्नामेंट के लिए अलग नियम?

भारत की युवा टीम से मुंह की खाने के तुंरत बाद ही यह खबर आई की पाकिस्तान सरकार ने सीनियर टीम को भारत के खिलाफ खेलने से मना कर दिया है। पाकिस्तान का यहीं से दोहरा चरित्र सामने आ गया क्योंकि अंडर-19 विश्व कप के लिए पाकिस्तान ने अपनी टीम को भारत के खिलाफ खेलने दिया। अब जब 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान की सीनियर टीमें विश्व कप में खेलने की तैयारी कर रही थीं, तो उसने अंतिम समय में बहिष्कार करने की नौटंकी शुरू कर दी। इतना ही नहीं पिछले साल एशिया कप के दौरान भी पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेला था। उस वक्त ना तो पीसीबी ने इसका विरोध किया और ना ही पाकिस्तान की सरकार कुछ बोली।

सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली भारतीय टीम टी20 में शानदार फॉर्म में चल रही है। भारत ने हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज 4-1 से अपने नाम की है। इतना ही नहीं, भारत टी20 विश्व कप जीतने का प्रबल दावेदार है और वह इस टूर्नामेंट में खिताब बचाने के इरादे से उतरेगा। भारत का रिकॉर्ड भी विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ अभूतपूर्व है।

दोनों टीमें आठ बार एक दूसरे के सामने आई हैं, जिसमें से सात बार भारत को सफलता मिली है, जबकि सिर्फ एक बार पाकिस्तान जीता है। अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती और हार्दिक पांड्या जैसे भारतीय खिलाड़ी फॉर्म में हैं जो पाकिस्तानी टीम को आसानी से पटखनी दे सकते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि भारत की खतरनाक फॉर्म को देखते हुए क्या पाकिस्तान टीम इंडिया का सामना करने से कतरा रहा है?

भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल से ही रिश्ते काफी तल्ख चल रहे हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर नाम से सैन्य कार्रवाई की थी और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष बढ़ गया था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों टीमों की क्रिकेट टीमों के बीच पहली बार एशिया कप में सामना हुआ। इस टूर्नामेंट में भारत ने फाइनल सहित तीन मुकाबलों में पाकिस्तान को धूल चटाई और खिताब अपने नाम किया था।

एशिया कप के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने ना सिर्फ अपने खेल से, बल्कि अपने व्यवहार से भी पाकिस्तान के खिलाड़ियों को उनकी हैसियत याद दिलाई थी। टॉस के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सलमान आगा से हाथ नहीं मिलाया था, जबकि तीन ही मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के खिलाफ नो हैंडशेक नीति का पालन किया था। इतना ही नहीं, भारत ने जब एशिया कप की ट्रॉफी जीती तो टीम के सदस्यों ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था और पुरस्कार समारोह का बहिष्कार किया था। पाकिस्तान का अंतरराष्ट्रीय मंच पर घनघोर अपमान हुआ था। नकवी एशिया क्रिकेट परिषद (एसीसी) के अध्यक्ष हैं और उनका भारत की ट्रॉफी 'चुराकर' रखी ली थी। अब जब पाकिस्तान ने टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ खेलने से इनकार किया है तो ये बातें उठाना जरूरी है कि किस तरह हर मोर्चे पर भारत अपने चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ हावी रहा है और पाकिस्तान को हमेशा ही मुंह की खानी पड़ी है।

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