हरियाणा की शटलर बेटी देविका सिहाग ने बढ़ाया देश का गौरव
थाईलैंड मास्टर्स का खिताब जीतने पर पीवी सिंधु की सराहना
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। हरियाणा की देविका सिहाग ने रविवार को थाईलैंड मास्टर्स में महिला एकल का खिताब जीतकर भारत का मान बढ़ाया। फाइनल में उनका सामना मलयेशिया की गोह जिन वी से हुआ, जिन्होंने बीच में ही हटने का फैसला किया। देविका का यह पहला थाईलैंड मास्टर्स का खिताब है।
भारत की देविका सिहाग ने थाईलैंड मास्टर्स 2026 बैडमिंटन टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल मैच में मलेशिया की वर्ल्ड नम्बर 68 गोह जिन वेई महिला एकल बैडमिंटन रैंकिंग में 63वें स्थान पर काबिज देविका सिहाग से 21-8, 6-3 से पिछड़ने के बाद चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। इस तरह सिहाग ने अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीता।
इस टूर्नामेंट के अपने पिछले राउंड में हाई रैंकिंग वाली खिलाड़ियों को हराने के बाद, देविका सिहाग ने फाइनल में भी अपनी फॉर्म बरकरार रखी और पहले गेम में दबदबा बनाए रखते हुए जीत हासिल की। इसके बाद दो बार की जूनियर वर्ल्ड चैम्पियन गोह जिन वेई को दूसरे गेम में चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।
देविका ने बीडब्ल्यू सुपर 300 टूर्नामेंट में बड़े-बड़े खिलाड़ियों को हराया। पहले राउंड में सीनियर हमवतन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा को हराने के बाद, उन्होंने क्वार्टर-फाइनल से पहले वर्ल्ड नम्बर 42 खिलाड़ी तुंग सिउ-टोंग (चीनी ताइपे) को मात दी। क्वार्टर–फाइनल में वर्ल्ड नम्बर 16 और शीर्ष वरीयता प्राप्त थाईलैंड की सुपानिडा कटेथोंग को हराना देविका के उभरते करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। उन्होंने सेमीफाइनल में भी एक और बड़ा उलटफेर करते हुए वर्ल्ड नम्बर 35 खिलाड़ी हुआंग यु-हुन (चीनी ताइपे) को सीधे गेम में हराया।
यह देविका सिहाग का पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है। इसके साथ ही यह इस साल किसी भी भारतीय द्वारा जीता गया पहला खिताब भी है। वह बीडब्ल्यूएफ इंटरनेशनल सर्किट में तीन बार की विजेता भी हैं। 20 वर्षीय खिलाड़ी देविका पिछले साल दूसरे इंडोनेशिया मास्टर्स में उपविजेता रही थीं, लेकिन रैंकिंग अंक के बावजूद बीडब्ल्यूएफ सुपर 100 टूर्नामेंट वर्ल्ड टूर के दायरे से बाहर है।
सिंधु ने देविका सिहाग की जमकर सराहना की
दो बार की ओलम्पिक पदक विजेता पी.वी. सिंधु ने थाईलैंड मास्टर्स सुपर 300 टूर्नामेंट में खिताब जीतने वाली युवा बैडमिंटन खिलाड़ी देविका सिहाग की जमकर तारीफ की है। सिंधु ने देविका की इस उपलब्धि को अनुशासन, कड़ी मेहनत और मजबूत आत्मविश्वास का परिणाम बताया। बेंगलुरु स्थित प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी में देविका के साथ अभ्यास करने वाली सिंधु ने कहा कि उन्होंने 20 वर्षीय शटलर के सफर को बेहद करीब से देखा है।
पीवी सिंधु ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “जब मेरे ट्रेनिंग पार्टनर अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो मुझे बहुत खुशी होती है। देविका मेरे और कोच इरवांशाह के साथ बेंगलुरु में ट्रेनिंग करती है और उसकी लगन को नजदीक से देखना वाकई खास रहा है।” देविका सिहाग अब पी.वी. सिंधु और सायना नेहवाल के बाद सुपर 300 महिला एकल खिताब जीतने वाली तीसरी भारतीय शटलर बन गई हैं।
हरियाणा की रहने वाली 20 वर्षीय देविका को फाइनल मुकाबले में उस समय विजेता घोषित किया गया, जब उनकी प्रतिद्वंद्वी मलेशिया की गोह जिन वेई हैमस्ट्रिंग चोट के कारण मैच से हट गईं। कोर्ट के बाहर की मेहनत को भी रेखांकित करते हुए सिंधु ने कहा, “उसने मेरी टीम के साथ स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग पर बहुत करीब से काम किया है। मैंने खुद उसके खेल को धीरे-धीरे परिपक्व होते और निखरते देखा है।”
सिंधु ने कहा कि यह खिताब देविका के रोज़ाना किए गए प्रयासों का सच्चा प्रतिबिम्ब है। उन्होंने कहा, “यह जीत उसके अनुशासन, कड़ी मेहनत और उस विश्वास को दर्शाती है, जो वह हर दिन दिखाती है। उस पर बेहद गर्व है।” सिंधु ने अपने अन्य ट्रेनिंग पार्टनर्स के लिए हल्के-फुल्के अंदाज़ में संदेश भी दिया। उन्होंने मजाक में कहा कि अब उनकी साथी खिलाड़ी इशारानी पर आगे बढ़ने का “दबाव” है। साथ ही उन्होंने युवा शटलरों अंश और सूर्याक्ष के खेल पर भी भरोसा जताया।
उन्होंने कहा, “अब मेरी दूसरी ट्रेनिंग बडी इशारानी पर दबाव है कि वह भी आगे बढ़े, हा-हा। अंश और सूर्याक्ष दो ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन पर मुझे काफी भरोसा है। उनके सफर को ट्रैक करना और उन्हें आगे बढ़ते देखना सच में खास है।” देविका सिहाग ने रविवार को थाईलैंड मास्टर्स सुपर 300 टूर्नामेंट में महिला एकल का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।
