अभिनव को एशियाई निशानेबाजी चैम्पियनशिप में गोल्ड

महिला जूनियर स्कीट में मानसी ने लहराया परचम

भारतीय शूटरों ने 14 स्वर्ण सहित 26 पदकों पर साधा निशाना

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाजों ने गुरुवार को 16वीं एशियाई निशानेबाजी चैम्पियनशिप के चौथे दिन दांव पर लगे पांच में से चार स्वर्ण पदक जीतकर दबदबा कायम किया जिससे देश के पदकों की संख्या 26 हो गई। भारत ने अब तक 14 स्वर्ण, छह रजत और इतने ही कांस्य पदक जीतकर शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।

अभिनव साव ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने की शुरुआत की। उन्होंने पहले नारायण प्रणव (631.1 अंक से तीसरे स्थान पर) और हिमांशु (630.9 अंक से चौथे स्थान पर) के साथ क्वालीफिकेशन में 628.1 अंक हासिल कर फाइनल में जगह पक्की की। इसके अलावा उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने के साथ तीनों का 1890.1 अंक का स्कोर एशियाई और जूनियर विश्व रिकॉर्ड दोनों ही बने। 

वहीं, शॉटगन रेंज में मानसी रघुवंशी ने महिला जूनियर स्कीट स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि हमवतन यशस्वी राठौर ने रजत पदक जीता। मानसी फाइनल में 53 अंक बनाकर चैंपियन बनीं जबकि यशस्वी ने 52 अंक बनाकर कजाखस्तान की लिडिया बशारोवा (40) को पछाड़कर दूसरा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में भाग ले रही अन्य भारतीय निशानेबाज अग्रिमा कंवर (15) फाइनल में छठे और अंतिम स्थान पर रहीं। मानसी ने पांच दौर में कुल 106 अंक से दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई जबकि बशारोवा ने 112 अंक से क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया।

यशस्वी 102 अंक से क्वालीफिकेशन में पांचवें स्थान पर रहीं और अग्रिमा ने भी 101 अंक से कट हासिल किया। इससे पहले ईशान सिंह लिब्रा (116), हरमेहर सिंह लाली (115) और ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया (110) ने क्रमशः पहले, तीसरे और पांचवें स्थान पर रहते हुए पुरुष जूनियर स्कीट के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। फाइनल में भारत के हरमेहर सिंह लाली ने 53 अंक से रजत पदक जीता जबकि ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया ने 43 अंक से कांस्य पदक प्राप्त किया।

कजाखस्तान के आर्टयोम सेडेलनिकोव ने स्वर्ण पदक हासिल किया। इससे पहले पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल सीनियर स्पर्धा के तीनों निशानेबाजों ने क्वालीफिकेशन दौर में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को एक और टीम स्वर्ण पदक दिलाया। लेकिन रुद्रांक्ष पाटिल और अर्जुन बबूता व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक नहीं जीत सके और फाइनल में क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर रहे।

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