हैमर थ्रो खिलाड़ी तान्या चौधरी राष्ट्रीय रिकॉर्ड से वंचित

वजहः टूर्नामेंट को एएफआई से मान्यता नहीं मिलना है

खेलपथ संवाद

मेंगलूर। चंडीगढ यूनिवर्सिटी की अंतरराष्ट्रीय एथलीट तान्या चौधरी ने 85वीं अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय चैम्पियनशिप में शुक्रवार को महिला हैमर थ्रो में नया रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीता। हालांकि, उनकी मेहनत पर पानी फिर गया क्योंकि उनका यह प्रयास रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो सका। इसका कारण यह है कि इस टूर्नामेंट को राष्ट्रीय महासंघ से मान्यता नहीं मिली है।

तान्या ने खुद स्वीकार किया है कि टूर्नामेंट के लिए उनका डोप टेस्ट भी नहीं हुआ था। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) द्वारा राष्ट्रीय रिकॉर्ड की मान्यता के लिए प्रतिस्पर्धा के दौरान डोप टेस्ट जरूरी है। तान्या ने 65.60 मीटर का थ्रो फेंककर सरिता सिंह का नौ साल पुराना 65.25 मीटर का रिकॉर्ड तोड़ा। एएफआई अंतर विश्वविद्यालय चैम्पियनशिप को मान्यता नहीं देता है।

तान्या ने 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में भाग लिया था और वह सातवें स्थान पर रही थीं। उन्होंने कहा, मुझे 67 मीटर की उम्मीद थी। इस सत्र का लक्ष्य 70 मीटर है और मैं उसकी तैयारी में जुटी हूं। आज डोप टेस्ट नहीं हुआ था लेकिन राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी मेरा नमूना कभी भी, कहीं भी ले सकती है। चूंकि यह विश्व एथलेटिक्स से मान्यता प्राप्त स्पर्धा नहीं है तो यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड नहीं माना जायेगा लेकिन टूर्नामेंट का रिकॉर्ड है।

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