तमिलनाडु की आर. विद्या रामराज कीर्तिमान बनाने से चूकीं

सेकेंड के सौवें हिस्से से पीटी ऊषा का रिकॉर्ड टूटने से बचा
खेलपथ संवाद
चंडीगढ़।
एशियाई खेलों में भाग लेने वालीं 24 साल की आर. विद्या रामराज सोमवार को यहां ‘इंडियन ग्रांप्री पांच’ के दौरान महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में 55.43 सेकेंड का समय लेकर महान पीटी ऊषा के 39 साल पहले के रिकॉर्ड को तोड़ने से बेहद मामूली अंतर से चूक गईं। 
तमिलनाडु की 24 वर्षीय विद्या सेकेंड के सौवें हिस्से से ऊषा का रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गईं। ऊषा ने 1984 लॉस एंजिल्स ओलम्पिक में 55.42 सेकेंड के समय के साथ चौथा स्थान हासिल किया था। यह दूसरा सबसे लम्बे समय तक कायम रहने वाला राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। ऊषा वर्तमान में भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। 
विद्या ने कहा कि मैडम ऊषा बेहद प्रतिभाशाली थीं इसलिए उनका रिकॉर्ड इतने लम्बे समय से कायम है। मैं यह कीर्तिमान तोड़ना चाहती थी। ये मेरे दिमाग में था, मैं नई ऊषा मैडम बनना चाहती थी। मैं पहले 200 मीटर में कुछ धीमी रही उसके बाद गति पकड़ी। अगर मैंने शुरुआत में ही रफ्तार पकड़ ली होती तो मैंने यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया होता। अभी एशियाई खेल होने हैं, मैं वहां राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने का प्रयास करूंगी।

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