पुरुषत्व के आरोपों में घिरीं बॉक्सर खेलीफ को ट्रंप का डर नहीं

मुक्केबाज इमाने खेलीफ ने कहा- वह महिला वर्ग में खेलना जारी रखेंगी
खेलपथ संवाद
लंदन। पेरिस ओलम्पिक में वेल्टरवेट वर्ग का स्वर्ण पदक जीतने वाली और पुरुषत्व के लक्षणों के आरोपों में घिरीं अल्जीरियाई मुक्केबाज इमाने खेलीफ महिला वर्ग में मुक्केबाजी जारी रखेंगी। उनकी यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब अगला ओलंपिक 2028 में लॉस एंजिलिस में होना है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रांसजेंडर एथलीटों के महिला वर्ग में खेलने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है।
खेलीफ का कहना है कि वह ट्रंप से भयभीत नहीं हैं और उनका अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक में अपने स्वर्ण पदक की रक्षा करना है। खेलीफ वह मुक्केबाज हैं, जो पेरिस ओलंपिक में महिला वर्ग में खेली थीं और दो महिला मुक्केबाजों ने उनके मुक्के की ताकत से बाउट को बीच में छोड़ दिया था। इसके बाद उनके महिला वर्ग में खेलने पर काफी बवाल मचा।
आईओसी अध्यक्ष थामस बाख ने हाल ही में कहा था कि खेलीफ और यू टिंग का जन्म एक महिला के तौर पर हुआ है। उनकी परवरिश एक महिला के तौर पर हुई है और उन्होंने महिला वर्ग में हमेशा भागीदारी की है और किसी ने भी आज तक यह साबित नहीं किया है वे ट्रांसजेंडर हैं। हालांकि 2023 की दिल्ली में हुई विश्व चैंपियनशिप में दोनों ही मुक्केबाजों को योग्यता टेस्ट में फेल होने के बाद डिसक्वालिफाई कर दिया गया था।
खेलीफ ने कहा, 'वह नहीं हैं ट्रांसजेंडर'
वर्ल्ड बॉक्सिंग ने खेलीफ के खिलाफ अब तक कुछ नहीं कहा, क्यों कि अल्जीरियाई पासपोर्ट के मुताबिक वह एक महिला हैं। खेलीफ के इस बयान के बाद एक बार फिर विवादों को हवा मिल गई है। खेलीफ के खिलाफ दुनिया भर में महिला वर्ग में पूर्ण रूप से महिलाओं को खिलाए जाने की वकालत करने वाले संगठनों ने अभियान छेड़ रखा है, लेकिन उनका देश उनके साथ दीवार की तरह खड़ा है। खेलीफ ने कहा, ट्रंप ने अमेरिका में ट्रांसजेंडरों के खिलाफ आदेश पारित किया है और वह एक बात साफ कर देना चाहती हैं कि वह ट्रांसजेंडर नहीं हैं। खेलीफ ने कहा, वह न तो इससे चिंतित हैं और न ही भयभीत हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ट्रांसजेंडर एथलीटों के खिलाफ अपनी लड़ाई को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति तक ले जाने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने हाल ही में महिला खेलों में ट्रांसजेंडर एथलीटों पर प्रतिबंध लगाने के उद्देश्य से एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन चाहता है कि लॉस एंजिलिस में 2028 के ग्रीष्मकालीन खेलों से पहले आईओसी ओलंपिक और इस बिल्कुल हास्यास्पद विषय से जुड़ी हर चीज को बदल दे।
'पात्रता लिंग के मुताबिक निर्धारित की जाती है'
यह आदेश राज्य के सचिव के कार्यालय को आईओसी पर ओलंपिक खेल आयोजनों को नियंत्रित करने वाले मानकों में संशोधन करने के लिए दबाव डालने का अधिकार देता है। इसके मुताबिक, महिला एथलीटों की निष्पक्षता, सुरक्षा और सर्वोत्तम हितों को बढ़ावा देना सर्वोपरि है। साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि महिलाओं के खेल आयोजनों में भागीदारी के लिए पात्रता लिंग के मुताबिक निर्धारित की जाती है, न कि लिंग पहचान या टेस्टोस्टेरोन में कमी के अनुसार।