सात साल बाद जेमिमा रोड्रिग्स के बल्ले से निकला शतक

आयरलैंड मैच के बाद कहा अंडर-19 दिनों की मानसिकता काम आई
खेलपथ संवाद
राजकोट। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने शतक का सात साल के इंतजार को खत्म करने से खुश भारतीय बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स ने रविवार को यहां कहा कि उन्हें अपने अंडर-19 दिनों की मानसिकता और तरीकों को अपनाने से इस उपलब्धि तक पहुंचने में मदद मिली। जेमिमा की 102 रन की पारी की बदौलत भारत ने दूसरे महिला वनडे में पांच विकेट पर 370 रन बनाकर आयरलैंड पर 116 रन से जीत दर्ज की।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में अपना पहला शतक जड़ने के बाद जेमिमा ने कहा, बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे इसका लंबे समय से इंतजार था। मुझे खुशी है कि आज यह टीम के लिए कर सकी। मैंने अंडर-19 क्रिकेट में कई शतकीय पारियां खेली हैं, वहां 200 रन भी बनाये हैं। ऐसे में मैं वही करने की कोशिश कर रही थी जो उस समय करती थी। मैं आज इस अच्छे से करने में सफल रही।
जेमिमा ने 2017 में अंडर-19 महिला वनडे प्रतियोगिता में सौराष्ट्र के खिलाफ मुंबई के लिए नाबाद 202 रन कर सुर्खियां बटोरी थी। वह आम तौर पर पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करती है लेकिन नियमित कप्तान हरमनप्रीत कौर की गैरमौजूदगी में उन्हें चौथे क्रम पर बल्लेबाजी का मौका मिला। उन्होंने 91 गेंद की पारी में 12 चौके जड़कर इसका फायदा उठाया।
मैच में क्या हुआ?
रविवार को खेले गए मुकाबले में भारत ने स्मृति मंधाना (73), प्रतिका रावल (67), हरलीन देओल (89) और जेमिमा रोड्रिग्स (102) की दमदार पारियों की बदौलत 50 ओवर में पांच विकेट पर 370 रन बनाए। यह महिलाओं के वनडे में भारत का सर्वोच्च स्कोर है। इससे पहले 2017 में भारत ने आयरलैंड के खिलाफ ही वडोदरा में दो विकेट गंवाकर 358 रन बनाए थे। महिलाओं के वनडे में यह ओवरऑल 15वां सबसे बड़ा स्कोर है। जवाब में आयरलैंड की टीम निर्धारित ओवर में सात विकेट पर सिर्फ 254 रन ही बना सकी।