अंशु मलिक ने कुश्ती से ब्रेक लेने का किया फैसला

पेरिस में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, मजबूत वापसी की उम्मीद जताई
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। भारतीय महिला पहलवान अंशु मलिक का प्रदर्शन पेरिस ओलम्पिक में अच्छा नहीं रहा था और वह प्री क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गई थीं। अंशु पदक की दावेदार थीं, लेकिन अपना प्रभाव छोड़ने में विफल रही थीं। अंशु ने कहा कि वह शारीरिक और भावनात्मक रूप से फिट होने के लिए खेल से कुछ समय का ब्रेक ले रही हैं।
इस पहलवान ने हालांकि मजबूत वापसी करने का वादा किया। 23 वर्षीय अंशु को 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में अपने से अनुभवी दो बार की ओलम्पिक पदक विजेता और पांचवीं वरीयता प्राप्त हेलेन लुसी मैरोयूलिस से 2-7 से हार का सामना करना पड़ा था। अपना दूसरा ओलम्पिक खेल कर वापस लौटी अंशु ने इंस्टाग्राम पर लिखा, इसे स्वीकार करना कठिन है, लेकिन यह एक खेल है और हार-जीत इसका हिस्सा है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि परिणाम क्या है, मुझे कुश्ती पसंद है।
अब, यह 2028 लॉस एंजिलिस ओलम्पिक के लिए एक नई शुरुआत होगी। मुझे पता है कि मैं एक योद्धा जैसी हूं और पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होकर वापस आऊंगी। मैं अभी शारीरिक और भावनात्मक रूप से फिट होने के लिए एक छोटा ब्रेक ले रही हूं। इस दौरान मैं देखूंगी कि मुझे कहां बदलाव करने की जरूरत है। अंशु ने इस साल अप्रैल में एशियाई ओलम्पिक क्वालीफायर से पेरिस खेलों का कोटा हासिल किया था। उन्होंने अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, ओलम्पिक अब खत्म हो गया है और इसके साथ ही मेरा 12 साल का सपना भी टूट गया।
मैंने 2012 में जब कुश्ती शुरू की थी तब अपने पिता से वादा किया था कि मैं 2024 ओलम्पिक में पदक जीतूंगी। मैंने उसके बाद से हर दिन बस उसी के लिए मेहनत की है। मैं बस इसे हासिल करने के सपने देखती हूं। मैंने सोचा था हालांकि वैसा नहीं हुआ। अंशु एशियाई चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के अलावा विश्व चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक विजेता रही हैं। वह पेरिस में तीन बार की विश्व चैम्पियन अमेरिका की हेलन के खिलाफ 2-0 की बढ़त को बरकरार नहीं रख पाईं और दमखम दिखाने के बाद भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा।