मथुरा के लाल ने क्रीड़ा जगत को दी टारगेट-बाल की सौगात

डॉ. सोनू शर्मा का सपना समूची दुनिया में खेला जाए खेल अपना
खेलपथ संवाद
मथुरा।
ब्रज की धरा पर जहां भगवान लीलाधर श्रीकृष्ण ने जन्म लिया वहीं अब कुछ ऐसी होनहार शख्सियतों का उदय हुआ है जोकि शिक्षा और खेल के क्षेत्र में अपनी कर्मठता का बिगुल बजा रही हैं। ऐसे ही कर्मठ शख्सियत हैं डॉ. सोनू शर्मा। इन्होंने खेल जगत को टारगेट बाल की सौगात दी है। सुबह हो या शाम सोते-जगते इस युवा को टारगेट बाल की ही फिक्र रहती है। यह खेल कैसे विस्तारित हो इसी की चिन्ता में लीन रहते हैं डॉ. सोनू शर्मा।
बास्केटबाल से मिलते-जुलते खेल टारगेट बाल को मथुरा के डॉ. सोनू शर्मा ने ईजाद किया है। इसका पहला टूर्नामेंट 2012 में श्रीजी बाबा सरस्वती विद्या मंदिर, मथुरा में कराया गया था। इसके बाद प्रथम राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2013 में हाथरस में हुई थी। अक्टूबर 2016 में इस खेल की राष्ट्रीय प्रतियोगिता तेलंगाना में हुई थी। इस खेल को पूरी दुनिया में प्रसारित करने का जुनून रखने वाले डॉ. सोनू शर्मा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, थाईलैंड में खिलाड़ियों के सहयोग से न केवल एसोसिएशन गठित कर चुके हैं बल्कि दक्षिण एशियाई देशों में वह कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगताए भी करा चुके हैं।
फिलहाल टारगेट बाल खेल देश के लगभग सभी राज्यों में अपनी पैठ बना चुका है। लगभग सभी राज्यों में एसोसिएशन भी गठित हो चुकी हैं तथा कई राज्यों में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी हो चुकी हैं। यह खेल तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रहा है। इस खेल को जुलाई 2016 में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से हरी झंडी मिलना बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस खेल को भारतीय ओलम्पिक संघ और खेल मंत्रालय से मान्यता मिलना बहुत जरूरी है। 
लक्ष्मी नगर, मथुरा निवासी स्पो‌र्ट्स ऑफीसर डॉ. सोनू शर्मा कहते हैं कि कई सालों की कड़ी मेहनत से देश-दुनिया को एक नया खेल दिया है। श्रीजी बाबा सरस्वती विद्या मंदिर से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजूकेशन ग्वालियर से बीपीएड और एमपीएड करने के बाद डॉ. सोनू शर्मा ने खेल पर अनुसंधान कर डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की। दुनिया में कुछ अलग पहचान बनाने के लिए उन्होंने इस खेल को ईजाद किया है। इस खेल के जनक डॉ. शर्मा का कहना है कि अभी तो शुरुआत है। इस खेल को पूरी दुनिया में फैलाने का ही हमारा लक्ष्य और सपना है। 
जानिए क्या है टारगेट बाल खेल
मैदान 30 मीटर लम्बा और 20 मीटर चौड़ा होता है। टारगेट बाल में दोनों तरफ दो-दो रिंग होती हैं। 20-20 मिनट के दो हाफ होते हैं। एक टीम में 14 खिलाड़ी होते हैं और छह खिलाड़ी मैदान में खेलते हैं। मैच के दौरान दो रेफरी होते हैं। इस खेल में लड़कों के लिए पोल सहित रिंग की लम्बाई तीन मीटर होती है और पांच नम्बर की गेंद होती है। बालिकाओं के लिए पोल और रिंग की लम्बाई 2.5 मीटर होती है और चार नम्बर की गेंद से खेला जाता है। टारगेट बाल में डायमंड प्लेयर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। टीम में यह अकेला खिलाड़ी होता है, जो डी के अंदर जा सकता है।

 

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