क्रिकेट आईपीएल की तर्ज पर हॉकी का भी आईपीएल होः प्रीति दुबे

खिलाड़ियों की जरूरी डाइट पर ध्यान दिया जाना जरूरी
खेलपथ संवाद
मेरठ।
हॉकी मध्य प्रदेश की टीम का प्रतिनिधित्व कर रही मूलतः उत्तर प्रदेश की रहने वाली प्रीति दुबे का कहना है कि महिला हॉकी के प्रोत्साहन के लिए क्रिकेट आईपीएल की तरह हॉकी का भी आईपीएल होना चाहिए। इससे जहां खिलाड़ी को आर्थिक मदद मिलेगी वहीं उनका खेल स्तर भी सुधरेगा।
रियो ओलम्पिक में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी प्रीति का कहना है इस तरह की प्रतियोगिता से राष्ट्रीय खेल हॉकी को लेकर अन्य महिला खिलाड़ियों में भी उत्साह पैदा होता है। उन्होंने कहा हॉकी इंडिया का प्रयास काफी सराहनीय है, लेकिन देश के अन्य राज्यों में भी इस तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित होनी चाहिए। इससे और भी महिला खिलाड़ी उभरकर सामने आएंगी जिससे राष्ट्रीय टीम में खिलाड़ियों के लिए रास्ते खुलेंगे। प्रीति ने कहा खिलाड़ियों के लिए सबसे जरूरी डाइट होती है जिसको लेकर सोचना चाहिए। हॉस्टल में रहने वाली महिला खिलाड़ियों की डाइट में सुधार होना चाहिए।
नेशनल खिलाड़ी प्रीति का मानना है ऐसा नहीं है कि मेरठ की महिला खिलाड़ियों की राष्ट्रीय टीम में कम संख्या है। यहां की खिलाड़ी दूसरे राज्यों की टीमों में अपने खेल का लोहा मनवा रही हैं। अन्य टीमों में मेरठ के खिलाड़ियों की संख्या अच्छी-खासी है। क्रिकेट आईपीएल की तर्ज पर हॉकी का भी आईपीएल होना चाहिए। जिससे खिलाड़ियों को एक नया मंच मिलता है साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति भी अच्छी होती है। आईपीएल जैसी प्रतियोगिता से खिलाड़ियों को मोटिवेशन मिलता है जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है। महिला हॉकी विश्व कप के बाद हॉकी का स्वरूप काफी बदला है, हाल ही में काकीनाड़ा में हुई नेशनल हॉकी प्रतियोगिता के बाद महिला खिलाड़ियों में काफी उत्साह बढ़ा है।
जिला स्तर पर होने वाली हॉकी प्रतियोगिताओं के लिए कोचिंग की अच्छी व्यवस्था नहीं है। हालांकि अब खेलों इंडिया योजना के आने के बाद हालात काफी सुधरे हैं। अच्छी डाइट मिलने लगी है, सभी तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। पहले जो महिला खिलाड़ी अच्छी टीमों में खेलती थी उन्हें ही आगे बढ़ने का मौका मिलता था लेकिन अब इसमें सुधार हुआ है। कृत्रिम हॉकी मैदानों की उपलब्धता के बाद इसका काफी लाभ महिला खिलाड़ियों को मिल रहा है। हमारे खेल में काफी सुधार आया है, पहले जहां घास के मैदानों पर प्रतियोगिताएं होती थीं अब कृत्रिम हॉकी मैदानों में हो रही हैं। इससे खिलाड़ियों के खेल में भी तेजी आई है और वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं।

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