खेल मंत्रालय की भारतीय टेबल टेनिस फेडरेशन पर बड़ी कार्रवाई

टीटीएफआई की मान्यता निलम्बित, आईओए को एडहॉक कमेटी बनाने का निर्देश

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। भारतीय टेबल टेनिस के प्रशासन को लेकर खेल मंत्रालय ने बुधवार को बड़ा कदम उठाया। मंत्रालय ने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया की मान्यता निलंबित कर दी है। इस फैसले के पीछे फेडरेशन में गवर्नेंस से जुड़ी कमियों को मुख्य वजह बताया गया है।

मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, टीटीएफआई की ओर से समय पर चुनाव नहीं कराना भी मान्यता निलम्बित करने के कारणों में शामिल है। इससे पहले मंत्रालय ने फेडरेशन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन उसके जवाब को 'असंतोषजनक' पाया गया। अप्रैल 2026 में द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने भी फेडरेशन में सत्ता संघर्ष और पदाधिकारियों के बीच मतभेद की बात रिपोर्ट की थी।

मान्यता निलम्बित करने के साथ ही खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलम्पिक संघ को टेबल टेनिस के प्रशासन की व्यवस्था संभालने के लिए एडहॉक कमेटी बनाने को कहा है। मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि आईओए, अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ से सलाह लेकर एक आंतरिक नियामक व्यवस्था तैयार करेगा। इसमें एक एडहॉक कमेटी का गठन भी शामिल होगा। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक टीटीएफआई में एक विधिवत गठित और उचित गवर्नेंस ढांचा बहाल नहीं हो जाता।

मंत्रालय की कार्रवाई में सबसे अहम मुद्दों में से एक टीटीएफआई के चुनाव समय पर नहीं कराया जाना रहा। कारण बताओ नोटिस के जवाब से मंत्रालय संतुष्ट नहीं हुआ और इसके बाद मान्यता निलम्बित करने का फैसला लिया गया। टीटीएफआई में प्रशासनिक विवाद पहले भी सामने आते रहे हैं। अप्रैल 2026 की एक रिपोर्ट में फेडरेशन के अध्यक्ष और महासचिव के बीच मतभेदों का भी जिक्र किया गया था।

मंत्रालय के फैसले के बाद फिलहाल टेबल टेनिस के प्रशासन को लेकर जिम्मेदारी आईओए की ओर बढ़ेगी। आईओए को आईटीटीएफ के साथ विचार-विमर्श कर ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए कहा गया है, जो टीटीएफआई में नियमित और विधिवत गवर्नेंस ढांचा बहाल होने तक खेल का संचालन कर सके। यानी फिलहाल टीटीएफआई का प्रशासन एडहॉक व्यवस्था के जरिए चलाए जाने की तैयारी है, जबकि फेडरेशन को अपनी गवर्नेंस संबंधी कमियों को दूर कर नियमित ढांचा बहाल करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

 

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