बेल्जियम ने पेनल्टी पर किया निर्णायक वार

फीफा विश्व कपः अतिरिक्त समय में सेनेगल को दी मात

इंग्लैंड की शानदार जीत, हैरी केन ने कांगो की चुनौती की खत्म

खेलपथ संवाद

सिएटल। बेल्जियम ने दो गोल से पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए बुधवार को यहां सेनेगल को 3-2 से हराकर फुटबॉल विश्व कप के प्री क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। बेल्जियम ने नियमित समय के अंतिम लम्हों में दो गोल दागकर स्कोर 2-2 किया और फिर अतिरिक्त समय में पेनल्टी पर यूरी टिलेमैन्स के गोल से जीत दर्ज की। टिलेमैन्स ने 89वें मिनट में जर्मनी को बराबरी दिलाई और फिर अतिरिक्त समय के इंजरी टाइम में पेनल्टी पर गोल किया जो विश्व कप के इतिहास का सबसे देर से हुआ गोल था।

मैच खत्म होने में कुछ ही सेकेंड बचे थे और मैच पेनल्टी शूटआउट की तरफ बढ़ता नजर आ रहा था लेकिन तभी रैफरी ने वीडियो रिव्यू के बाद पेनल्टी किक देने का फैसला किया और सेनेगल का दिल टूट गया। सेनेगल के कोच पेप थियाव ने कहा, ''मैं इस फैसले की व्याख्या नहीं करना चाहता। पेनल्टी देने के मामले में हम सभी की अलग-अलग राय होती हैं। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता और ना ही रैफरी के फैसले की व्याख्या करना चाहता हूं।''

बेल्जियम की यह जीत पिछले 11 विश्व कप में सिर्फ दूसरा मौका थी जब किसी टीम ने नॉकआउट दौर में दो या उससे अधिक गोल से पिछड़ने के बाद अगले दौर में जगह बनाई। बेल्जियम ने 2018 टूर्नामेंट के प्री क्वार्टर फाइनल में जापान के खिलाफ 3-2 की जीत के दौरान भी ऐसा ही किया था।

बेल्जियम के लिए सबसे अधिक गोल करने वाले स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर उतरे और 86वें मिनट में गोल करके बेल्जियम की वापसी की उम्मीद जगाई। तीन मिनट बाद टिलेमैन्स ने बेल्जियम के लिए एक और गोल करके मैच को अतिरिक्त समय में खींचा और फिर पेनल्टी पर गोल करके अपनी टीम की जीत सुनिश्चित की।

थियाव ने कहा, ''यह दुखद हार है क्योंकि हम मैच में अच्छा खेल रहे थे। हमारे पास बढ़त थी। हम 2-0 से आगे थे। लेकिन फुटबॉल मैच सिर्फ 85 मिनट का नहीं होता। बेल्जियम ने वापसी की और हम उसे संभाल नहीं पाए। हमें बेल्जियम को बधाई देनी चाहिए क्योंकि वे आगे बढ़ रहे हैं।''

इंग्लैंड की शानदार जीत, हैरी केन के दो गोल से कांगो की चुनौती हुई खत्म

अटलांटा। हैरी केन के दूसरे हाफ में दागे दो गोल की बदौलत इंग्लैंड ने बुधवार को यहां राउंड ऑफ 32 के मैच में कांगो के खिलाफ पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 2-1 की जीत के साथ फुटबॉल विश्व कप के प्री क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की। विश्व कप में पहला गोल खाने के बाद इंग्लैंड की यह सिर्फ दूसरी जीत है। इस जीत के साथ 1966 की चैंपियन टीम को राउंड ऑफ 16 में जगह मिली जहां उसका सामना सह मेजबान मैक्सिको से होगा।

इंग्लैंड को इससे पहले 0-1 से पिछड़ने के बाद विश्व कप में अपनी एकमात्र अन्य जीत 1966 के फाइनल में पश्चिमी जर्मनी के खिलाफ वेम्बले स्टेडियम में मिली थी। टूर्नामेंट में अपने गोल की संख्या पांच तक पहुंचाने के बाद कप्तान केन ने कहा, ''यह बस लगातार कोशिश करते रहने की बात थी। कोशिश करते रहो और हमारा पल आएगा। हमने खास पलों के बारे में बात की थी। यह टीम में किसी के भी पास हो सकता है... जो भी हो, हमारे पास हीरो बनने के लम्हे होते हैं और मेरे लिए यह वही दिन था।''

इंग्लैंड की राह आसान नहीं थी क्योंकि कांगो की टीम ने विश्व कप के इतिहास के सबसे बड़े उलटफेर में से एक करने की राह लगभग तैयार कर ली थी। केन ने मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में टूर्नामेंट के इतिहास में अपने देश के लिए सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के तौर पर अपना रिकॉर्ड 13 तक पहुंचाया।

केन ने कहा, ''जब आप नॉकआउट में पहुंचते हैं तो दबाव और जोखिम बहुत अधिक होते हैं लेकिन आक्रमण के नजरिए से यह टूर्नामेंट का हमारा सबसे अच्छा मैच था।'' उन्होंने कहा, ''कभी-कभी आपको जीत के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है और आज हमने ठीक वैसा ही किया। मैंने लड़कों से कहा कि वे इसका मजा लें। हम आगे बढ़ गए हैं और चार दिन बाद फिर से खेलेंगे।''

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