वैभव सूर्यवंशी और विराट कोहली ने क्रिकेट को दिए नए संदेश
खेलपथ विशेष
ग्वालियर। इंडियन प्रीमियर लीग के ताजा संस्करण ने कई तरह के संदेश दिए हैं। इस संस्करण में भारत के वैभव सूर्यवंशी ने अपनी निडर बल्लेबाजी से जहां गेंदबाजों में खौफ पैदा किया वहीं विराट कोहली ने साबित किया कि वह वाकई क्रिकेट के कोहिनूर हैं। इसमें दो राय नहीं कि वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट के वैभव ने आज पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। क्रिकेट की दुनिया के तमाम दिग्गज क्रिकेटर इस उदीयमान खिलाड़ी के क्रिकेट के कारनामों से हतप्रभ हैं।
भले ही फटाफट क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाला आईपीएल बाजार और नई पीढ़ी के जुनून का संगम हो, लेकिन लोकप्रियता के नये आयाम तय करता यह खेल अब दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों की पहली पसंद बन गया है। इस बार इंडियन प्रीमियर लीग के सबसे चमकीले सितारे बनकर उभरे टी-20 सनसनी वैभव सूर्यवंशी। महज पंद्रह साल की उम्र में उनकी कामयाबी हैरत में डालने वाली है। वहीं अनुभवी क्रिकेटर विराट कोहली ने अपने खास अंदाज में सबका ध्यान आकर्षित किया। इस 37 वर्षीय दिग्गज क्रिकेटर ने फाइनल में तूफानी अर्धशतक लगाकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी को लगातार दूसरी बार ट्राफी दिलाई। दो महीने तक चले इस टूर्नामेंट में कोहली की फॉर्म और फिटनेस शानदार रही है। यही वजह है कि वर्ष 2027 एकदिवसीय क्रिकेट के विश्व कप में उनकी भागीदारी अब लगभग तय लग रही है।
खुद विराट कोहली ने इस बात को स्वीकार किया है कि उन्हें अपनी मन:स्थिति में बदलाव लाने और युवा खिलाड़ियों से थोड़ा सीखने की जरूरत थी, ताकि वे टी-20 क्रिकेट में अपने खेल को नये सिरे से निखार सकें। यह सुखद ही है कि इस दिग्गज क्रिकेटर की यह ईमानदार स्वीकारोक्ति भारतीय क्रिकेट को आकार दे रही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की खूबसूरत बानगी को ही दर्शाती है। निस्संदेह, हाल ही में सम्पन्न हुए इंडियन प्रीमियर लीग सीजन ने साफ दिखाया कि दो पीढ़ियों के क्रिकेटर कैसे एक-दूसरे के पूरक भी हो सकते हैं।
वास्तव में, विराट कोहली आज भी एक प्रभावशाली खिलाड़ी की छवि को बनाये हुए हैं। वहीं वैभव सूर्यवंशी जैसे उदीयमान खिलाड़ी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस फटाफट क्रिकेट में खेल का निरंतर विकास होता रहेगा। यह सुखद ही है कि राजस्थान रॉयल्स के इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी सूर्यवंशी ने अधिकांश पुरस्कार अपने नाम किए हैं। मसलन मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, सुपर स्ट्राइक ऑफ द सीजन, ओरेंज कैप विजेता और सुपर सिक्स ऑफ द सीजन जैसे खिताब हासिल किए।
इसमें दो राय नहीं कि वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट के वैभव ने आज पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। क्रिकेट की दुनिया के तमाम दिग्गज क्रिकेटर इस उदीयमान खिलाड़ी के क्रिकेट के कारनामों से हतप्रभ हैं। वे वैभव को आशीष व अनुभव दे रहे हैं। यहां तक कि सचिन तेंदुलकर ने उसे अपना स्वाभाविक क्रिकेट खेलने की सलाह तक दी है। इतना ही नहीं, भारत के चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान में भी वैभव को पूरा लाड़-प्यार मिल रहा है। पूरे पाकिस्तान में उसकी खेल तकनीक की खूब चर्चा होती है। निस्संदेह, उनकी निडर बल्लेबाजी और उल्लेखनीय रूप से निरंतर बेहतर खेलना, क्रिकेट के छोटे प्रारूप के प्रति नई पीढ़ी के साहसिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। हालांकि, उनकी प्रतिभा को लगातार अभ्यास से हासिल व कुछ लोगों द्वारा नैसर्गिक प्रतिभा कहा जा रहा है, लेकिन चर्चा उनकी इतनी कम उम्र में हासिल परिपक्वता को लेकर भी है।
सही मायने में दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की वैभव सूर्यवंशी की क्षमता ठीक उसी गुण को दर्शाती है,जिसने वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विराट कोहली की सफलता का मार्ग प्रशस्त किया है। निस्संदेह, मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग के संस्करण में, जिस तरह क्रिकेट प्रतिभाओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी नजर आती है, उसे टी-20 विश्व चैम्पियन भारत के लिये शुभ संकेत ही कहा जा सकता है। यह सुखद ही है कि वर्ष 2028 में होने वाले ओलम्पिक खेलों तथा वर्ष 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में टी-20 क्रिकेट को शामिल किया जा रहा है। ऐसे में भरोसा बढ़ता है कि क्रिकेट को दीवानगी के साथ जीने वाले इस देश को आने वाले वर्षों में क्रिकेट की कई बड़ी उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं।
विश्वास किया जाना चाहिए कि दुनिया का सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई महिला क्रिकेट को भी पुरुष क्रिकेट के समान निखरने हेतु सम्बल देगा। हालांकि, भारत में महिला टी-20 क्रिकेट की घरेलू सीरीज आरम्भ हो चुकी हैं, लेकिन अभी इस दिशा में काफी कुछ किया जाना बाकी है ताकि भारत क्रिकेट के सभी प्रारूपों में अपनी बादशाहत कायम रख सके।
