युवा मुक्केबाजों के दमदार प्रदर्शन से बढ़ा भारत का गौरव
एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में जीते 17 पदक
खेलपथ संवाद
ताशकंद। एशियाई मुक्केबाजी अंडर-15 और अंडर-17 चैम्पियनशिप में भारत का अभियान कुल 17 पदकों (दो स्वर्ण, सात रजत और आठ कांस्य) के साथ समाप्त हुआ जिसमें लड़कियों ने सबसे ज्यादा योगदान दिया। अंडर-17 लड़कियों की टीम ने 12 पदक (दो स्वर्ण, छह रजत और चार कांस्य) जीते, जबकि अंडर-17 लड़कों ने एक रजत और चार कांस्य पदक जोड़े।
राखी (46 किलोग्राम) ने उज्बेकिस्तान की रुखशोनबोनु अहदोवा के खिलाफ आरएससी (रैफरी द्वारा मुकाबला रोकना) से जीत हासिल कर स्वर्ण पदक जीता, जबकि नव्या (57 किलोग्राम) ने जापान की सारा कोनो के खिलाफ 4-0 की जीत दर्ज कर दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। खुशी चंद (48 किलोग्राम) को जापान की अरिसा योशिनागा से 1-4 से हारने के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
दीया (63 किलोग्राम) और हिमांशी (70 किलोग्राम) ने भी क्रमशः उज्बेकिस्तान की मेहरिमाख किलिचोवा और करीना इल्मुरातोवा से 0-5 से हारने के बाद रजत पदक जीते। ज्योति (75 किलोग्राम) कजाखस्तान की डायना नादिरेबेक से 1-4 से हार गईं जबकि वंशिका (80 किलोग्राम) कजाखस्तान की ही झानसाया येरझान से 0-5 से पराजित हो गईं। गुरसीरत कौर ने 80 से अधिक किलोग्राम वर्ग में कड़ी चुनौती पेश की लेकिन उज्बेकिस्तान की सोहिबाखोन खुदोयबेरदीवा से 2-3 के करीबी अंतर से हार गईं। लड़कों के फाइनल में लक्ष्य फोगाट (75 किलोग्राम) ने उज्बेकिस्तान के मारुफजोन तोशपुलातोव से 0-5 से हारने के बाद रजत पदक के साथ अभियान समाप्त किया।
