भारत ओलम्पिक को तैयार, श्रीनगर से उठी आवाज

तीन दिवसीय चिंतन शिविर का रविवार को समापन

खेलपथ संवाद

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में आयोजित तीन दिवसीय चिंतन शिविर का रविवार को समापन हुआ। इस दौरान ‘श्रीनगर खेल संकल्प’ दस्तावेज जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि ओलम्पिक और विश्व कप जैसे बड़े वैश्विक आयोजनों की मेजबानी के लिए भारत तैयार है। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने शिविर के अंतिम दिन शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में देशभर के खेल मंत्रियों और खेल जगत की प्रमुख हस्तियों के साथ मिलकर यह संकल्प दस्तावेज जारी किया।

यह दस्तावेज सहकारी संघवाद के जरिए देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए एक साझा राष्ट्रीय दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। इसमें एथलीट-केंद्रित विकास, खेल बुनियादी ढांचे के विस्तार, प्रतिभा की पहचान और क्षेत्रीय खेल हब विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही खेलों को युवा सशक्तीकरण, स्वास्थ्य, पर्यटन और आर्थिक विकास से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण रणनीति रखी गई है।

जारी दस्तावेज में कहा गया है कि बर्फीली चोटियों से लेकर सागर की लहरों तक पूरे देश का प्रतिनिधित्व करने वाली आवाजें श्रीनगर में एकत्रित हुई हैं जो ‘विकसित भारत’ के उस विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिसमें खेल राष्ट्र निर्माण का अहम आधार बने।

संकल्प में यह भी दोहराया गया कि केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश मिलकर खेल नीतियों को आगे बढ़ाएंगे। खिलाड़ियों को केंद्र में रखकर योजनाएं तैयार करेंगे ताकि हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके। इसमें भारत की विविधता को ताकत बताते हुए कहा गया कि हर राज्य की भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताओं के अनुसार खेल बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा और प्रतिभाओं को निखारने के लिए विशेष केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

साथ ही, दस्तावेज में खेलों को सामाजिक और आर्थिक विकास का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा गया कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन सम्भव होगा और स्थानीय उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के समापन पर यह संकल्प लिया गया कि खेलों को भारत के विकास की कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा ताकि देश का हर युवा स्वस्थ, मजबूत और आत्मविश्वासी बन सके।

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