होनहार मुकुल चौधरी ने लूट ली कोलकाता की महफिल

हार को जीत में बदला, 27 गेंदों में नाबाद 54 रन बनाए

लखनऊ सुपर जायंट्स ने केकेआर को 3 विकेट से हराया

खेलपथ संवाद

कोलकाता। आईपीएल ने कई सितारों को जन्म दिया है और इस लिस्ट में एक और नाम ऊपर आता दिख रहा है। ये खिलाड़ी है मुकुल चौधरी जिन्होंने गुरुवार को ईडन गार्डन्स स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ तूफानी पारी खेल अपनी टीम लखनऊ सुपर जायंट्स को हारा हुआ मैच जिता दिया। अपनी पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच बने मुकुल अपने पिता को याद करते हुए भावुक हो गए।

मुकुल ने 27 गेंदों पर दो चौके और सात छक्कों की मदद से नाबाद 54 रनों की पारी खेल कोलकाता के मुंह से जीत छीन ली। कोलकाता ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट खोकर 181 रन बनाए थे। इस स्कोर के सामने लखनऊ की टीम लड़खड़ती दिख रही थी। उसने अपने छह विकेट 125 रनों पर ही खो दिए थे। आखिरी के पांच ओवरों में मुकुल ने बाजी पलट दी।

मैच के बाद मुकुल ने पिता को याद किया और बताया कि यहां तक वह कितने संघर्ष के बाद पहुंचे हैं। मुकुल ने कहा, "मेरे पिता की जब शादी नहीं हुई थी उससे पहले ही उन्होंने सपना देख लिया था कि उनका बेटा क्रिकेट खेलेगा। शुरुआत में हमारी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। मैंने 12-13 साल में खेलना चालू किया। झुंझुनू में कई सारी एकेडमी थीं। फिर मैं जयपुर आ गया।"

उन्होंने कहा, "मैंने देखा कि टी20 क्रिकेट काफी आगे बढ़ रहा है इसलिए मैं गुरुग्राम आ गया और यहां तीन-चार महीने रहा। उत्तर प्रदेश के खिलाफ अंडर-19 मैच था तब मेरे पिता ने मुझसे कह दिया था कि मैं अच्छे स्तर पर खेलूंगा।"

अपनी पारी के बारे में मुकुल ने कहा कि दबाव तो हमेशा रहता है, लेकिन उन्होंने अपना बेस्ट देने की कोशिश की। मुकुल ने कहा, "अंडर लाइट्स ये मेरा दूसरा मैच था। दबाव तो हमेशा रहता है, लेकिन भगवान ने हमें ये मौका दिया तो मैंने वो करने की कोशिश की जो मैं कर सकता था। मैंने इसे दबाव की स्थिति के बजाए मौके के तौर पर देखा। मेरा प्लान था कि मैं अंत तक खेलूं। मुझे अपने आप में इतना विश्वास था कि मैं अंत तक खेल गया तो मैच जिता दूंगा।"

होनहार मुकुल चौधरी की बिंदास बल्लेबाजी से लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) ने इंडियन प्रीमियर लीग के रोमांचक मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को आखिरी गेंद पर तीन विकेट से हराया। केकेआर ने चार विकेट पर 181 रन बनाए, जिसके बाद एलएसजी को मैच की आखिरी गेंद पर लक्ष्य हासिल करना पड़ा। एलएसजी के लिए मुकुल चौधरी ने 27 गेंदों में नाबाद 54 रन बनाए, जबकि आयुष बडोनी ने 34 गेंदों में 54 रन का योगदान दिया। केकेआर के लिए वैभव अरोड़ा और अनुकूल रॉय ने दो-दो विकेट लिए।

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