जापान की ओलम्पिक गोल्ड मेडलिस्ट पहलवान सुगुमी सकुराई का संन्यास
24 की उम्र में लिया चौंकाने वाला फैसला, अब नई पीढ़ी तो करेंगी तैयार
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। पेरिस ओलम्पिक में 57 किलोग्राम भार वर्ग की महिला कुश्ती चैम्पियन सुगुमी सकुराई ने महज 24 साल की उम्र में संन्यास लेने का फैसला किया है। जापान की यह खिलाड़ी अब पहलवानों की नई पीढ़ी को तैयार करने के साथ पश्चिमी जापान में अपने गृह क्षेत्र कोची प्रीफेक्चर के लिए खेलों की सद्भावना दूत के तौर पर काम करेंगी। सकुराई साल 2021, 2022 और 2023 में लगातार तीन बार वर्ल्ड चैम्पियन रहीं, इसके बाद उन्होंने पेरिस ओलम्पिक 2024 में अपने देश के लिए गोल्ड जीता।
सोशल मीडिया पर संन्यास की जानकारी देते हुए सकुराई ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, 'आपके लगातार समर्थन के लिए धन्यवाद। मैंने संन्यास लेने का फैसला किया है। अब तक, मैं बहुत से लोगों के समर्थन से एक बेहतरीन माहौल में कुश्ती में आगे बढ़ पाई हूं। मैं ओलम्पिक में गोल्ड जीतने का सपना पूरा कर पाई। आप सभी के समर्थन के लिए धन्यवाद।'
फैंस का आभार जताते हुए सकुराई ने लिखा, 'आपके लगातार मार्गदर्शन और समर्थन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद, तब भी जब नतीजे हासिल करना मुश्किल था। कुश्ती के जरिए मुझे बहुत सारे अनुभव मिले हैं। पीछे मुड़कर देखती हूं, तो बहुत दर्द भी हुआ, लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने कुश्ती जारी रखी।'
अपने नए सफर की जानकारी देते हुए सकुराई ने बताया, 'यह फैसला मैंने पिछले एक साल में बहुत से लोगों से बात करने और सोचने-समझने के बाद लिया है। मैं अब से कोची रेसलिंग क्लब, कोनान सिटी में एक क्लासरूम शुरू करना चाहती हूं, और रेसलिंग को फैलाने और मजबूत करने के लिए अपना पूरा जोर लगा दूंगी।' 2016 में अंडर-17 विश्व चैम्पियन बनीं सकुराई ने 2022 और 2023 में क्रमशः एशियन चैम्पियनशिप और एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीते।
एशियन चैम्पियनशिप 2024 के फाइनल में उन्हें अपने करियर की गिनी-चुनी शिकस्त में से एक का सामना करना पड़ा। इसके बाद सकुराई ने शानदार वापसी की और महज पांच महीने बाद पेरिस में अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की। सेमीफाइनल में उन्होंने 2016 रियो ओलम्पिक की चैम्पियन हेलेन मारौलिस (अमेरिका) को 10-4 से हराया। इसके बाद फाइनल में मोल्दोवा की अनास्तासिया निकिता को 6-0 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया।
