जब मैं भावनात्मक रूप से कमजोर था, तब दिनेश कार्तिक ने मेरी मदद की: जितेश शर्मा

अन्ना ने मुझसे कहा कि मैं थोड़ा आराम करूं, कुछ समय के लिए खेल से दूर रहूं

खेलपथ संवाद

बेंगलूरु। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के उप कप्तान जितेश शर्मा ने कहा कि जब अपने पिता के निधन के बाद वह भावनात्मक रूप से कमजोर महसूस कर रहे थे तब पूर्व भारतीय विकेटकीपर दिनेश कार्तिक ने उनकी काफी मदद की। जितेश ने कहा कि इस साल फरवरी में उनके पिता के निधन के बाद कार्तिक ने उन्हें कुछ समय के लिए खेल से दूर रहने और भावनात्मक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया था।

जितेश ने आरसीबी के एक पॉडकास्ट में कहा कि डीके (दिनेश कार्तिक) अन्ना ने मुझसे कहा कि मैं थोड़ा आराम करूं। कुछ समय के लिए खेल से दूर रहूं तथा अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताऊं। इससे मुझे फिर से तरोताजा होने में मदद मिली। पिछले महीने जितेश ने पीटीआई से कहा था कि पिता के निधन के बाद उनके जीवन में प्राथमिकताएं कैसे बदल गईं।

जितेश ने पिछले साल आरसीबी की आईपीएल में पहली खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें कार्तिक ने बल्लेबाजी कोच और मेंटोर (मार्गदर्शक) के रूप में भी योगदान दिया था। मेरे अच्छे प्रदर्शन का बहुत सारा श्रेय डीके अन्ना को जाता है। उन्होंने मुझे अपने खेल को बेहतर ढंग से समझने, अपनी ताकत का सही उपयोग करने और मानसिक रूप से मजबूत बनने में मदद की। जितेश ने कहा कि एक मुश्किल दौर के बाद आरसीबी की टीम में वापसी करते हुए एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में प्रवेश करने से उन्हें सुकून मिला।

उन्होंने कहा कि जब मैं चिन्नास्वामी में वापस आया और फिर से लाल और नीले रंग को देखा तो मुझे ऐसा लगा जैसे मेरा पुनर्जन्म हुआ हो। मैं अब खुद को सिर्फ विकेटकीपर के रूप में नहीं देखता। मैं खुद को फिनिशर और फील्डर के रूप में भी देखता हूं। टीम में जगह बनाने के लिए मुझे जो भी भूमिका निभानी पड़े, मैं उसके लिए तैयार हूं। भारत के लिए खेलना अब भी मेरा अंतिम लक्ष्य है। मेरा सिर्फ एक ही लक्ष्य होता है और वह है गेंद पर नजर रखना। अगर आप गेंद पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और उसे अच्छी तरह देख रहे हैं तो बाकी सब अपने आप ठीक हो जाता है।

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