नवनीत कौर और हार्दिक सिंह बने सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ी

आठवें वार्षिक हॉकी इंडिया पुरस्कारों में  मिले 20-20 लाख

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर और मिडफील्डर हार्दिक सिंह को आठवें वार्षिक हॉकी इंडिया पुरस्कारों में वर्ष 2025 के सर्वश्रेष्ठ महिला और पुरुष खिलाड़ी के रूप में सम्मानित किया गया। दोनों को हॉकी इंडिया बलबीर सिंह सीनियर पुरस्कार से नवाजा गया और पुरस्कार स्वरूप 20-20 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया।

1980 मॉस्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य जफर इकबाल को मेजर ध्यानचंद लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर उन्होंने आशा जताई कि भारतीय टीम फिर से ओलंपिक चैम्पियन बनेगी। वर्ष 2025 के अन्य प्रमुख पुरस्कार विजेताओं में सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर (बलजीत सिंह पुरस्कार): बीचू देवी खरीबम, सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर (परगट सिंह पुरस्कार): संजय, सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डर (अजित पाल सिंह पुरस्कार): सुमित, सर्वश्रेष्ठ फॉरवर्ड (धनराज पिल्लई पुरस्कार): सुखजीत सिंह को दिया गया। इतना ही नहीं इन सभी खिलाड़ियों को 5-5 लाख रुपये का चेक दिया गया।

अंडर-21 पुरुष वर्ग में प्रिंस दीप सिंह को जुगराज सिंह पुरस्कार मिला, जिन्होंने चेन्नई में आयोजित एफआईएच जूनियर विश्व कप में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। महिला वर्ग में साक्षी राणा को असुंथा लाकड़ा उदीयमान खिलाड़ी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत में खेलों की संस्कृति और एक नया इकोसिस्टम विकसित हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि 2036 ओलम्पिक की मेजबानी की भारत की आकांक्षा को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन से मजबूती मिलेगी। खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि हॉकी देश के इतिहास का अभिन्न हिस्सा है और इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

सम्मान समारोह में सर्वश्रेष्ठ अम्पायर का पुरस्कार सौरभ सिंह राजपूत, सर्वश्रेष्ठ तकनीकी अधिकारी का बिस्वरंजन सारंगी, सर्वश्रेष्ठ राज्य इकाई का पुरस्कार हॉकी झारखंड को दिया गया। इसी तरह असाधारण उपलब्धि पुरस्कार: राउंडग्लास पंजाब हॉकी अकादमी तथा जमन लाल शर्मा अमूल्य योगदान पुरस्कार मनोज कोनबेगी (सिमडेगा) को प्रदान किया गया।

इसके अलावा एशिया कप जीतने वाली पुरुष टीम के खिलाड़ियों को 3-3 लाख रुपये और स्टाफ को 1.5 लाख रुपये दिए गए। जूनियर विश्व कप में कांस्य जीतने वाली टीम को 5-5 लाख रुपये और स्टाफ को 2.5 लाख रुपये मिले। भारतीय पुरुष हॉकी टीम को 2025 में अंतरराष्ट्रीय सफलताओं के लिए 1.38 करोड़ रुपये और महिला टीम को 68 लाख रुपये दिए गए। साथ ही, मनप्रीत सिंह को 400 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे करने पर चार लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया।

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