एआई के समावेश से मोबाइल ऐप्स बन रहे अधिक स्मार्टः राहुल ठाकुर
राजीव एकेडमी में मोबाइल ऐप्स डेवलपमेंट में एआई के प्रभाव पर हुई कार्यशाला
मथुरा। आज के समय में मोबाइल ऐप डेवलपमेंट केवल कोडिंग तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित फीचर्स का समावेश तेजी से बढ़ रहा है, जिससे एप्लिकेशन अधिक स्मार्ट और उपयोगकर्ता के अनुकूल बन रहे हैं। यह बातें राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के एमसीए द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों को “मोबाइल ऐप्स डेवलपमेंट पर एआई का प्रभाव” विषय पर आयोजित कार्यशाला में एमआरसीसी ट्रांसफॉर्मेशन प्रा.लि. के सीनियर फ्लटर डेवलपर राहुल ठाकुर ने बताईं।
कार्यशाला में अतिथि वक्ता राहुल ठाकुर ने छात्र-छात्राओं को मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग तथा उसके व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि एआई की सहायता से मोबाइल एप्लिकेशन में पर्सनलाइजेशन, ऑटोमेशन और बेहतर यूजर एक्सपीरियंस प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि आज कई मोबाइल ऐप्स उपयोगकर्ताओं की पसंद और व्यवहार का विश्लेषण कर उन्हें व्यक्तिगत सुझाव और सेवाएं प्रदान करते हैं। इससे उपयोगकर्ताओं की संतुष्टि बढ़ती है और एप्लिकेशन की उपयोगिता भी अधिक प्रभावी हो जाती है।
कार्यशाला के दौरान उन्होंने फ्लटर तकनीक के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फ्लटर के माध्यम से डेवलपर्स एक ही कोडबेस का उपयोग करके एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म के लिए एप्लिकेशन विकसित कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने एआई आधारित चैटबॉट, वॉयस रिकग्निशन, इमेज प्रोसेसिंग और स्मार्ट रिकमेंडेशन सिस्टम जैसे आधुनिक फीचर्स के बारे में भी जानकारी दी, जो मोबाइल एप्लिकेशन को अधिक उन्नत और प्रभावी बनाते हैं।
सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने अतिथि वक्ता से मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट, एआई इंटीग्रेशन तथा भविष्य में उपलब्ध करियर अवसरों से संबंधित प्रश्न पूछे। श्री ठाकुन ने विद्यार्थियों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक रहने और निरंतर अपने तकनीकी कौशल को विकसित करने की सलाह दी, ताकि वे भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें।
राजीव एकेडमी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट प्रमुख डॉ. विकास जैन ने कहा कि इस प्रकार के इंडस्ट्री-ओरिएंटेड गेस्ट लेक्चर विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी प्रवृत्तियों से परिचित कराते हैं। उन्होंने बताया कि उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करता है और उन्हें कॉर्पोरेट जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में सहायक होता है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं छात्र-छात्राओं को सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करने के साथ ही उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयारी करने में भी मददगार होती हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने अतिथि वक्ता राहुल ठाकुर की विशेषज्ञता की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा साझा की गई महत्वपूर्ण जानकारियां विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक सिद्ध होंगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विद्यार्थी इस ज्ञान का उपयोग अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक जीवन में अवश्य करेंगे।
चित्र कैप्शनः मोबाइल ऐप्स डेवलपमेंट पर एआई का प्रभाव विषय पर आयोजित कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को जानकारी देते अतिथि वक्ता राहुल ठाकुर।
