आरोन जॉर्ज के शानदार शतक से भारत विश्व कप के फाइनल में पहुंचा
भारत शुक्रवार को अंडर-19 के फाइनल में इंग्लैंड को देगा खिताबी चुनौती
खेलपथ संवाद
हरारे। भारत ने आरोन जॉर्ज (115 रन) के शानदार शतक के साथ आईपीएल स्टार वैभव सूर्यवंशी (68 रन) और आयुष म्हात्रे (62 रन) की धमाकेदार अर्धशतकीय पारियों की मदद से बुधवार को यहां अफगानिस्तान को सात विकेट से हराकर आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में प्रवेश किया। भारत अब शुक्रवार को यहां फाइनल में इंग्लैंड से भिड़ेगा। यह अंडर-19 टूर्नामेंट में भारत का 10वां फाइनल होगा।
अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए फैसल शिनोजादा (110) और उजैरुल्लाह नियाजई (101) के शतकों की मदद से 310 रन बनाए। भारत ने यह लक्ष्य 41.1 ओवर में ही हासिल कर लिया। इस तरह अंडर-19 विश्व कप में भारत ने अब तक के सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा किया। आरोन (104 गेंद, 15 चौके, दो छक्के) ने बेहतरीन शॉट्स की मदद से शतक जड़ा। उन्हें सूर्यवंशी (33 गेंद, नौ चौके, चार छक्के) और म्हात्रे (59 गेंद, पांच चौके, चार छक्के) का पूरा साथ मिला, जिससे भारत का रन-रेट पूरे समय सात से ऊपर ही रहा।
सूर्यवंशी ने अपने चिर परिचित अंदाज में बाउंड्री की झड़ी लगाकर पारी को शानदार शुरुआत दी, जिसमें ऑफ-स्पिनर वाहिदुल्लाह जादरान के खिलाफ उन्होंने कई बेहतरीन शॉट्स लगाए। इसमें किस्मत ने भी उनका साथ दिया क्योंकि नियाजाई ने अब्दुल अजीज की गेंद पर बाएं हाथ के इस बल्लेबाज का कैच छोड़ दिया, तब वह 22 रन पर थे। इसके बावजूद सूर्यवंशी ने काफी आक्रामक बल्लेबाजी की।
उन्होंने तेज गेंदबाज नूरिस्तानी उमरजई की गेंद पर एक शानदार हेलीकॉप्टर शॉट से छक्का भी लगाया। सूर्यवंशी ने अपनी पारी में बार बार पुल शॉट खेलने की कोशिश की जो आखिरकार उनके आउट होने का कारण बना। उमरजई की गेंद पर वह सर्कल के अंदर उस्मान सादात के हाथों कैच आउट हुए। इस तरह पहले विकेट की साझेदारी 93 रन पर खत्म हुई। आरोन ने फिर म्हात्रे के साथ मिलकर 102 गेंद में 114 रन की साझेदारी की और 27वें ओवर में भारत को 200 के पार पहुंचाया। म्हात्रे इस टूर्नामेंट में अपनी लय पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
उन्होंने सही समय पर अर्धशतक जड़ा। एक बार फिर आरोन ने 'एंकर' की भूमिका बखूबी निभाई जबकि म्हात्रे ने टीम को जरूरी रन रेट से आगे रखने के लिए जोखिम भरे शॉट खेले। म्हात्रे के आउट होने के बावजूद आरोन ने सहजता से बल्लेबाजी करना जारी रखा। उन्होंने एक भी शॉट आक्रामक होते हुए नहीं लगाया। जादरान और रूहुल्लाह अरब की गेंदों पर उनके कवर ड्राइव देखने लायक थे। उन्होंने मिड-विकेट के पास एक शानदार शॉट से चार रन बटोरकर 95 गेंद में अपना शतक पूरा किया।
