दलीप ट्रॉफी प्रतियोगिता पारम्परिक रूप में लौटी

क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए काफी कुछ होगा दांव पर
खेलपथ संवाद
बेंगलूरु। युवा और महत्वाकांक्षी खिलाड़ी दलीप ट्रॉफी के मंच पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश करेंगे जब बृहस्पतिवार से लाल गेंद की इस प्रतियोगिता की अपने पारंपरिक क्षेत्रीय प्रारूप में वापसी होगी और इसके साथ ही भारत के घरेलू क्रिकेट सत्र की शुरुआत होगी। छह क्षेत्रीय टीमें 1960 के दशक में शुरू की गई इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी।
पिछले सत्र में जब यह प्रतियोगिता अव्यवस्थित ढंग से तैयार भारत ए, बी, सी और डी टीमों के बीच खेली गई थी तो हितधारक खुश नहीं थे और फिर उम्मीद के मुताबिक प्रतियोगिता की पुराने प्रारूप में वापसी हुई है। इस टूर्नामेंट ने पहले अधिक सुर्खियां नहीं बटोरी थी लेकिन बीसीसीआई द्वारा अपने स्टार खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय टीम में नहीं होने या चोटिल नहीं होने पर घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेना अनिवार्य करने के बाद यह फिर से प्रासंगिक हो गया है। इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में शामिल शारदुल ठाकुर पश्चिम क्षेत्र की टीम की कप्तानी करेंगे जिसमें श्रेयस अय्यर, सरफराज खान और यशस्वी जायसवाल शामिल हैं।
भारत की टेस्ट टीम में अपनी जगह गंवा चुके अय्यर ढेरों रन बनाना चाहेंगे जबकि सरफराज के साथ भी यही स्थिति है जिन्हें हाल ही में इंग्लैंड दौरे के लिए नजरअंदाज़ किया गया था। एशिया कप टी20 के लिए नहीं चुना जाना अय्यर के लिए प्रेरणा का एक अतिरिक्त स्रोत होगा जिनके बाहर होने पर राय विभाजित हैं। जायसवाल को भी उनकी कोई गलती नहीं होने के बावजूद एशिया कप टीम से बाहर कर दिया गया था। घरेलू और विदेशी दोनों ही जगहों पर भारत के लिए लाल गेंद से उनका प्रदर्शन विशेष रहा है और वह अपने सत्र की शुरुआत अच्छी पारियों से करना चाहेंगे।
तिलक वर्मा की अगुवाई वाली दक्षिण क्षेत्र की टीम में सभी की नजरें आर साई किशोर पर होंगी जो हाथ की चोट के कारण बुची बाबू टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। लोकेश राहुल और साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में नहीं खेल रहे हैं। देवदत्त पडिक्कल चोट से उबरकर वापसी कर रहे हैं और प्रभावशाली प्रदर्शन उन्हें फिर से राष्ट्रीय टीम में जगह दिला सकता है। उन्होंने पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ पदार्पण किया था लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह गंवा बैठे थे। पूरे इंग्लैंड दौरे के दौरान मौके का इंतजार करते रहे अभिमन्यु ईश्वरन चोटिल इशान किशन की अनुपस्थिति में पूर्वी क्षेत्र की टीम की कप्तानी करेंगे।
जाहिर है कि इंग्लैंड में लंबे समय तक मैदान से बाहर रहने के बाद ईश्वरन मैदान पर आकर रन बनाने के लिए बेताब होंगे। कई मौकों पर भारतीय टीम का हिस्सा होने के बावजूद ईश्वरन अभी तक पदार्पण नहीं कर पाए हैं और उन्हें घरेलू क्रिकेट में रन बनाते रहना होगा। गेंदबाजी विभाग में मोहम्मद शमी की लाल गेंद की फिटनेस का आकलन किया जाएगा क्योंकि चोट के कारण उन्होंने टेस्ट टीम में अपनी जगह खो दी है। यह 34 वर्षीय तेज गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दौरे का हिस्सा नहीं था और उन्होंने पिछली बार 2023 में टेस्ट मैच खेला था। केवल लंबे स्पैल और ढेर सारे विकेट ही चयनकर्ताओं को इस कुशल गेंदबाज पर ध्यान देने के लिए मजबूर कर सकते हैं जो अपने शीर्ष से आगे निकल चुका है।
शुभमन गिल को उत्तर क्षेत्र की कप्तानी के लिए चुना गया था लेकिन बीमारी के कारण वह शुरुआती मैच के लिए उपलब्ध नहीं हैं। गिल की अनुपस्थिति में उप कप्तान अंकित कुमार टीम की कमान संभाल सकते हैं। दलीप ट्रॉफी में भारत के नए टेस्ट कप्तान की मौजूदगी से टूर्नामेंट में और भी अधिक दिलचस्पी पैदा होती लेकिन वह फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। एशिया कप टीम में शामिल अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा संभवतः केवल शुरुआती मैच में ही खेलेंगे और फिर यूएई जाने वाली टी20 टीम से जुड़ जाएंगे। अर्शदीप इंग्लैंड में सभी पांच टेस्ट मैच से बाहर रहे जबकि अंशुल कंबोज जैसा खिलाड़ी टीम में देर से शामिल होने के बावजूद पदार्पण करने में सफल रहा।