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जूलियन वेबर को सिखाए गुर, एएफआई से हो चुकी बातचीत
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। नीरज चोपड़ा की ओलम्पिक में दोहरी सफलता के बाद जेवलिन थ्रोअरों (भाला फेंक) की फैक्ट्री बन चुके भारत में प्रतिभाओं को तराशने के लिए एक और जर्मनी के दिग्गज कोच की सेवाएं ली जा रही हैं। यू हॉन और नीरज की सफलता में अहम भूमिका निभाने वाले क्लास बार्टोनिएट्ज के बाद भारतीय एथलेटिक महासंघ (एएफआई) अब बीते वर्ष 91.51 मीटर भाला फेंकने वाले जर्मनी के जूलियन वेबर के कोच बरखार्ड लुक्स पर दांव लगाने जा रहा है।
बरखार्ड और एएफआई के बीच कुछ दौर की बातचीत हो चुकी है। सब कुछ ठीक रहा तो रियो ओलंपिक चैंपियन थामस रोहलर और बरनार्ड सीफर्ट जैसे जेवलिन थ्रोअरों को प्रशिक्षित कर चुके बरखार्ड जल्द भारतीय जेवलिन थ्रोअरों को प्रशिक्षित करते नजर आएंगे। बरखार्ड जेवलिन थ्रो में अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और शीर्ष स्तर के जर्मन थ्रोअरों को विश्व स्तरीय सफलता दिलाने के लिए जाने जाते हैं। वह तकनीक को निखारने और मानसिक तैयारी में अपनी विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध हैं।
बरखार्ड को जर्मन भाला फेंक में उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए जाना जाता है। एएफआई के सूत्रों का कहना है कि हमारे पास इस वक्त जेवलिन थ्रों में कई अच्छी प्रतिभाएं हैं। इनके लिए हमें एक से अधिक विदेशी प्रशिक्षक की जरूरत है। इस वक्त हमारे पास सर्गेई माकारोव जेवलिन कोच के रूप में हैं, लेकिन हम दूसरे कोच के रूप में बरखार्ड को बुलाने जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि उनके साथ हमारा अनुबंध जल्द सिरे चढ़ जाएगा।
यह तय नहीं है कि बरखार्ड नीरज के साथ जुड़ेंगे। सूत्रों का कहना है कि नीरज को अपना कोच तय करने के लिए स्वतंत्र किया गया है। यह उनकी इच्छा पर निर्भर है कि वह किस कोच के साथ तैयारियां करेंगे। अभी उन्होंने अपने पुराने कोच जय चौधरी के साथ कोचिंग का फैसला किया है। अगर वह निकट भविष्य में किसी विदेशी कोच की मांग करेंगे तो उसे पूरा कराया जाएगा। बरखार्ड की सेवाएं फिल्हाल जूनियर जेवलिन थ्रोअरों और अन्य उभरते थ्रोअरों के लिए ली जाएंगी। बरखार्ड ने वेबर को जर्मनी के पॉट्सडेम में तैयारियां कराईं और बीते वर्ष पहली बार उन्हें 90 मीटर की दूरी पार करवाई।