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अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ का एलान-14 फरवरी से शुरू होगा सत्र
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने कहा कि फुटबॉल की महाद्वीपीय संस्था एएफसी (एशियाई फुटबॉल परिसंघ) ने इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के छोटे हुए 2025-26 सत्र को मान्यता दे दी है और देश के शीर्ष दो डिविजन विजेताओं को क्षेत्रीय क्वालिफायर के माध्यम से एशियन चैंपियंस लीग 2 के लिए अप्रत्यक्ष स्थान दिए जाएंगे।
सत्र की देरी से शुरुआत के कारण क्लब एएफसी चैंपियंस लीग 2 में खेलने के लिए योग्य होने के लिए अनिवार्य 24 मैच नहीं खेल पाएंगे जिसमें शीर्ष डिविजन लीग और घरेलू कप शामिल हैं। ज्यादातर क्लबों के सत्र के दौरान कुल 16 मैच खेलने की उम्मीद है जिसमें एआईएफएफ सुपर कप में कम से कम तीन मैच और आईएसएल में 13 मैच शामिल हैं।
एएफसी ने 15 जनवरी को एआईएफएफ को लिखे एक पत्र में कहा, अनुच्छेद 3.4 और 3.5 के अनुसार किसी सदस्य संघ को दिए गए किसी भी अतिरिक्त स्थान को छोड़कर, अगर कोई सदस्य संघ पात्रता मानदंड पूरा नहीं करता है तो वह केवल संबंधित एएफसी क्लब प्रतियोगिता के लिए केवल अप्रत्यक्ष (मतलब सीधे नहीं बल्कि क्वालीफाइंग के जरिए) स्थान ही प्राप्त करने योग्य होगा, बशर्ते कि अनुच्छेद 4.4 के नियम लागू हों।
सभी 14 टीमों ने भागीदारी की पुष्टि की
आईएसएल का 2025-26 सत्र 14 फरवरी से शुरू होने वाला है जिसमें सभी 14 टीम ने मंगलवार को अपनी भागीदारी की पुष्टि की जिससे संक्षिप्त हुए सत्र में 91 मैच खेले जाएंगे जिसमें हर टीम एक-दूसरे के खिलाफ एक चरण के मैच (13) खेलेगी। एएफसी के पत्र के अनुसार, इसे देखते हुए सूचित किया जाए कि अगर 2025-26 आईएसएल सत्र आपके पत्र में प्रस्तावित तरीके से आयोजित किया जाता है तो संबंधित एएफसी क्लब प्रतियोगिताओं में प्रवेश के उद्देश्यों के लिए प्रवेश नियम अनुच्छेद 4.3 के अनुसार ही लागू होंगे।
इससे पहले आईएसएल क्लबों ने एआईएफएफ से एएफसी से 24 मैच की न्यूनतम अनिवार्यता में एक बार छूट देने का अनुरोध किया था ताकि वे एसीएल 2 में खेल सकें। क्लब के प्रस्ताव को मानते हुए एआईएफएफ के उप महासचिव एम सत्यनारायण ने एएफसी को पत्र लिखकर इस सत्र के लिए एक बार की छूट मांगी थी।