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हेड प्लेयर ऑफ द मैच तो स्टार्क प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे
खेलपथ संवाद
सिडनी। ऑस्ट्रेलिया ने सिडनी में खेले गए एशेज के पांचवें और आखिरी टेस्ट में इंग्लैंड को पांच विकेट से हरा दिया। इंग्लिश टीम ने 160 रन का लक्ष्य रखा था, जिसे कंगारुओं ने पांचवें दिन 31.2 ओवर में पांच विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया ने एशेज सीरीज 4-1 से अपने नाम की है। कंगारुओं ने पर्थ में पहला टेस्ट आठ विकेट से और गाबा में दूसरा टेस्ट भी आठ विकेट से जीता था।
इसके बाद एडिलेड में तीसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने 82 रन से जीत हासिल की थी और 3-0 की अजेय बढ़त बना ली थी। मेलबर्न में चौथे टेस्ट में इंग्लैंड ने वापसी की और ऑस्ट्रेलिया के घर पर लगातार जीत के सिलसिले को तोड़ा। मेलबर्न में इंग्लैंड ने चार विकेट से जीत दर्ज की। अब पांचवां टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने वापस से जीतकर इंग्लैंड को सीरीज में धूल चटाई और अपना दबदबा दिखाया। हेड को प्लेयर ऑफ द मैच और स्टार्क को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। टीम ने जो रूट के 160 रन के दम पर 384 रन बनाए थे। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने ट्रेविस हेड के 163 रन और कप्तान स्टीव स्मिथ के 138 रन की बदौलत 567 रन बनाए और 183 रन की बढ़त हासिल की। इंग्लैंड की दूसरी पारी 342 रन पर सिमट गई। जैकब बेथेल ने 154 रन बनाए। इस तरह इंग्लैंड को 159 रन की बढ़त हासिल हुई और ऑस्ट्रेलिया के सामन 160 रन का लक्ष्य था, जिसे कंगारुओं ने हासिल कर लिया।
इंग्लैंड की पहली पारी में तीन बड़ी साझेदारियां हुईं, जिसकी मदद से टीम 384 के स्कोर तक पहुंच पाई। जो रूट और हैरी ब्रूक के बीच 169 रन की और रूट और जेमी स्मिथ के बीच 94 रन की साझेदारी हुई। रूट और विल जैक्स के बीच 52 रन की साझेदारी हुई। रूट ने 242 गेंद पर 160 रन की अपनी पारी में 15 चौके लगाए। वहीं, ब्रूक ने 97 गेंद में छह चौके और एक छक्के की मदद से 84 रन बनाए। जेमी स्मिथ ने 46 रन की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया की ओर से माइकल नेसेर ने चार विकेट लिए, जबकि स्टार्क और बोलैंड को दो-दो विकेट मिले।
ऑस्ट्रेलिया ने इसका जवाब मुंहतोड़ तरीके से दिया। टीम की ओर से सात 50 से ज्यादा रन की साझेदारियां हुईं। हेड और जेक वेदराल्ड के बीच 57 रन, हेड और लाबुशेन के बीच 105 रन, हेड और नेसेर के बीच 72 रन, हेड और स्मिथ के बीच 54 रन, ख्वाजा और स्मिथ के बीच 51 रन, ग्रीन और स्मिथ के बीच 71 रन और वेबस्टर और स्मिथ के बीच 107 रन की साझेदारी हुई। इसकी बदलौत टीम 567 के स्कोर तक पहुंच पाई। हेड ने 166 गेंद में 24 चौके और एक छक्के की मदद से 163 रन बनाए। वहीं, लाबुशेन ने 48 रन और कप्तान स्मिथ ने 220 गेंद में 16 चौके और एक छक्के की मदद से 138 रन बनाए। वेबस्टर ने 71 रन की पारी खेली। इंग्लैंड की ओर से ब्राइडन कार्स और जोश टंग को तीन-तीन विकेट मिले, जबकि कप्तान स्टोक्स ने दो विकेट लिए। स्टोक्स को चोट भी लगी और वह ऑस्ट्रेलियाई पारी के दौरान पवेलियन लौट गए थे।
इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 342 रन बनाए। बेन डकेट और हैरी ब्रूक ने 42-42 रन बनाए। जैकब बेथेल ने 265 गेंद में 15 चौके की मदद से 154 रन की बेहतरीन पारी खेली। यह उनका टेस्ट का पहला शतक रहा। जेमी स्मिथ ने 26 रन, कार्स ने 16 रन और पॉट्स ने 18 रन बनाए। इसके अलावा कोई इंग्लिश बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका। ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्टार्क और वेबस्टर ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि बोलैंड को दो विकेट मिले।
160 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 31.2 ओवर में चेज कर लिया। ट्रेविस हेड ने 29 रन, जेक वेदराल्ड ने 34 रन, लाबुशेन ने 37 रन और स्टीव स्मिथ ने 12 रन बनाए। उस्मान ख्वाजा अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की आखिरी पारी में छह रन बनाए। एलेक्स कैरी 16 रन और कैमरन ग्रीन 22 रन बनाकर नाबाद रहे। इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने तीन विकेट लिए।
उस्मान ख्वाजा का आखिरी मैच
सिडनी टेस्ट शुरू होने से पहले ही ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय करियर पर ब्रेक लगाने का एलान किया था। उन्होंने कहा था कि सिडनी टेस्ट उनका आखिरी होगा। इस पूरी सीरीज में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और इसी वजह से उन्हें आलोचनाएं भी झेलनी पड़ी थीं। पाकिस्तान में जन्मे, मुस्लिम पहचान वाले ख्वाजा का करियर जितना क्रिकेटिंग उपलब्धियों से भरा रहा, उतना ही विवादों और बहसों से भी जुड़ा रहा। इस एशेज सीरीज के शुरू होने से पहले से ही ख्वाजा विवादों में रहे।
पहला टेस्ट पर्थ में खेला जाना था। मैच शुरू होने से पहले ख्वाजा तीन दिन लगातार गोल्फ खेलते नजर आए। इससे ख्वाजा की पीठ में ऐंठन (बैक स्पैज्म) की खबर आई। इसी दौरान उनकी गोल्फ खेलते तस्वीरें सामने आईं और इसकी वजह से काफी बवाल हुआ। मीडिया में सवाल उठने लगे- क्या वह क्रिकेट को लेकर गंभीर हैं? क्या उनकी कमिटमेंट में कमी है? पर उन्होंने तीसरे टेस्ट में वापसी की।
उनके बैटिंग क्रम को बदलकर ओपनर से मध्यक्रम में कर दिया गया। इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में उन्होंने 82 रन का योगदान दिया। फिर दूसरी पारी में भी 40 रन बनाए। फिर चौथे टेस्ट में वह 29 रन और दूसरी पारी में खाता नहीं खोल सके। अब पांचवें टेस्ट में 17 रन और छह रन बना सके।