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जर्मनी ने आठवीं बार जीता जूनियर हॉकी विश्व कप
खेलपथ संवाद
चेन्नई। जर्मनी ने पहली बार फाइनल खेले स्पेन को शूटआउट में हराकर जहां आठवीं बार जूनियर हॉकी विश्व कप जीत लिया वहीं मेजबान भारत के लड़ाकों ने आखिरी 11 मिनट में अर्जेंटीना पर चार शानदार गोल दागकर कांस्य पदक अपने नाम किया। भारत की इस पदक जीत में अनमोल इक्का तुरुप का इक्का साबित हुए।
तीसरे स्थान के मुकाबले में 2021 की चैम्पियन अर्जेंटीना टीम ने तीन र्क्वाटर तक भारत की नाक में दम कर रखा था लेकिन आखिरी 11 मिनट में भारतीय लड़ाकों ने एक के बाद एक चार गोल कर अर्जेंटीना को 4-2 से हरा दिया। भारत ने नौ साल बाद जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप में पदक जीता है। दो बार (होबार्ट 2001 और लखनऊ 2016) में चैम्पियन रही भारतीय टीम ने आखिरी बार नौ साल पहले कोई पदक जीता था। पिछले दो बार टीम कांस्य पदक का मुकाबला हारकर चौथे स्थान पर रही थी। भारत के लिये अंकित पाल (49वां), मनमीत सिंह (52वां), शारदानंद तिवारी (57वां) और अनमोल इक्का (58वां) ने गोल दागे वहीं अजेंटीना के लिये निकोलस रौद्रिगेज (पांचवां) और सैंटियागो फर्नांडिस (44वां) ने गोल किये।
तीन क्वार्टर तक दो गोल से पिछड़ने के बाद भारत ने शानदार वापसी करते हुए आखिरी क्वार्टर में दनादन चार गोल करके खचाखच भरे मेयर राधाकृष्णन स्टेडियम में मानो जान फूंक दी। पहले 49वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को अंकित ने गोल में बदलकर भारत का खाता खोला। वहीं 52वें मिनट में भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर अनमोल इक्का के शॉट पर गेंद डिफ्लेक्ट होकर मनमीत की स्टिक से टकराकर गोल के भीतर गई।
स्कोर 2-2 से बराबर होने के बाद लग रहा था कि मैच शूटआउट में जायेगा लेकिन आखिरी सीटी बजने से तीन मिनट बाकी रहते भारत को अहम पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिसे शारदानंद तिवारी ने गोल में बदलकर पहली बार भारत को बढ़त दिलाई। अर्जेंटीना को अगले मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन इस टूर्नामेंट की खोज रहे गोलकीपर प्रिंसदीप सिंह ने एक बार फिर शानदार बचाव किया। भारत को 58वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को अनमोल इक्का ने गोल में बदला।